रीयल एस्टेट रेग्युलेशन एक्ट, बिल्डर

अब नहीं चलेगी बिल्डरों की मनमानी

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नई दिल्ली: देश में लंबी प्रतीक्षा के बाद रीयल एस्टेट रेग्युलेशन एक्ट (रेरा) एक मई से लागू हो रहा है। इस कानून के लागू होने से बिल्डरों की मनमानी पर अंकुश लग जाएगा। इस कानून के दायरे में 76 हजार कंपनियां आएंगी। नियमों का पालन नहीं करने पर बिल्डरों के लिए दंड और कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। इस कानून के तहत सभी राज्यों में रीयल एस्टेट रेग्युलेटर अथारिटी (रेरा) का का गठना किया जा रहा है।




न्यूनतम 500 वर्ग मीटर या आठ फ्लैट की परियोजनाएं इसके दायरे में आएंगी। दअब बिल्डर को नई परियाजना शुरू करने से पहले उसे रेरा में पंजीकृत कराना होगा। दतमाम मंजूरियां मिलने के बाद ही कोई परियोजना शुरू की जा सकेगी। दइसके लिए बिल्डर को एक अलग से बैंक खाता खोलना होगा जिसमें खरीदारों से जुटाई गई 70 फीसद रकम जमा करनी होगी। दइस रकम का दूसरी परियोजना में इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।दइस कानून के दायरे में वे सभी परियोजनाएं भी आएंगी जिनके पूरा होने का प्रमाण पत्र अभी कंपनियों ने नहीं लिया है।

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