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आफताब को किसके इशारे पर पाकिस्तान में मिली ट्रेनिंग?

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नई दिल्ली: आफताब अली गत एक मई 2014 को पहली बार बाघा बार्डर से लाहौर पाकिस्तान गया, फिर पाकिस्तान के कराची में ग्रीन टाउन में यह अपने नानी के घर तीन माह तक रहा। जहां इससे आईएसआई एजेंटों मेहरबान अली के कहने पर मिले तथा इसे प्रशिक्षण दिलाया गयाा। तीन माह बाद ही 29 नवंबर 2014 को वापस भारत आकर मेहरबान अली से मिलता रहा।




गत आठ मई 2016 में फिर अटारी बार्डर से कराची पाकिस्तान गया था तथा फिर प्रशिक्षण लेने के बाद 28 जून 2016 को वापस भारत आया। यह पाकिस्तान हाई कमीशन दिल्ली के लगातार सम्पर्क में रहा हैं।आफताब फोन पर सेना की गतिविधियों के बारे में बात करता था।

लखनऊ व फैजाबाद में सेना की मूवमेंट तथा उनकी बटालियनों की नियुक्ति, ट्रेन द्वारा जा रहे सेना के रेजीमेंट के जाने का समय व दिनांक व अमृतसर में सेना के पलटन की संख्या एवं राज्य सुरक्षा हितों के खिलाफ सूचनाओं को अति कूट भाषा में देता था। उसे उक्त सैन्य सूचनाओं को व्हाट्एप तथा ईमेल द्वारा प्रेषित किया गया। छानबीन में सामने किया हैं कि सूचनाओं के बदले गत दस अक्टूबर 2016 को अल्ताफ भाई कुरैशी द्वारा आफताब के खाते में रूपये जमा किया गया हैं।

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