मासूम से योगी ने बोला- ‘रो मत, बोलो किसे क्या सज़ा दिलानी है’

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गोरखपुर। योगी आदित्यनाथ यूपी के नये सीएम बन गए हैं। जिसके बाद से लोग इनके व्यक्तित्व के बारे में तरह-तरह की बाते कर रहे है। सीएम बनने से पहले तक जगजाहिर है कि योगी के ऊपर कट्टर हिन्दू नेता का ठप्पा लगा हुआ है। सीएम योगी को आज भी पूर्वाचल क्षेत्र में मसीहा के रूप में पूजा जाता है। यह तदमा उन्हे ऐसे ही नहीं मिला है। योगी ने इस पूरे क्षेत्र में जनता की सेवा की है। सीएम बनने से पहले आदित्यनाथ गोरखपुर मंदिर में जनता दरबार लगाते रहे है, जहां वह लोगों की समस्या सुनते थे और उसका निदान भी निकालते थे।




योगी की दरबार में लोग तरह तरह की फरियाद लेकर आते थे इस दौरान एक अजीब वाक्या देखने को मिला था जब एक 9 साल का मासूम योगी के दरबार में न्याय की आस लेकर पहुंच गया था। मिली जानकारी के अनुसार जून, 2015 में एक मज़ेदार किस्सा देखने को मिला था जब आदित्यनाथ गोरखनाथ मंद‍िर में लोगों की प्रॉब्लमस सुन रहे थे। इस बीच एक 9 साल का मासूम सत्यम दरबार में पहुंचा। वह रो रहा था। उसके हाथ में दो रैकेट और एक शटल कॉक थी।




आदित्यनाथ ने उसे पास बुलाया और अपने पास बैठाकर पूछा, ”क्यों रो रहे हो, क्या दिक्क्त है।” सत्यम ने कहा, ”रामलीला मैदान के पास मेरा घर है। मां ने मुझे सामान खरीदने के लिए पैसे दिए थे, लेकिन मैंने उन पैसों से 90 रुपए की बैडमिंटन और कॉक खरीद ली। घर पहुंचने पर मां ने डांटा और इसे वापस करके दुकानदार से पैसे लाने को कहा। मैं वापस दुकान गया, लेकिन दुकान वाले अंकल ने गाली देकर मुझे भगा दिया।
इसके बाद मैं पुलिस अंकल के पास भी गया। वो मेरी बात सुनकर हंसने लगे और योगी दरबार में जाने की सलाह दी और मैं यहां आ गया।




सत्यम की बात सुनकर योगी ने उसकी पीठ थपथपाई और पूछा- दुकानदार को सजा दिलानी है? इसपर मासूम ने कहा- ”मुझे किसी को सजा नहीं दिलानी। मैं सिर्फ 90 रुपए वापस चाहता हूं, ताकि मेरी मां खुश हो जाए।” बच्चे की बात सुनकर आदित्यनाथ हंसने लगे और कहा,’तुम्हे दुकान पर बैडमिंटन और शटल कॉक लौटाने की जरुरत नहीं।’ उन्होंने अपने दफ्तर से सत्यम को 90 रुपए दिला दिए। जिसके बाद सत्यम मुस्कुराता हुआ अपने घर चला गया। जाते-जाते उसने कहा,’अब मां खुश होकर मुझे चॉकलेट देगी।’

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