डीएम ने की कार्रवाही, बैठक में न पहुंचने वाले अधिशासी अधिकारियों का एक दिन का वेतन काटने के आदेश

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बिजनौर। जिला अधिकारी जगतराज ने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका नगीना, स्यौहारा और धामपुर द्वारा सूचना के बावजूद बैठक में अनुपस्थित रहने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए तीनों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश अपर जिलाधिकारी प्रशासन को दिये। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिये कि जिला बिजनौर को 30 जून,17 तक पूर्ण गुणवत्ता के साथ खुले में शौच मुक्त करना सुनिश्चित करें तथा ग्राम पंचायतों द्वारा बनाए गए शौचालयों की शत प्रतिशत अपलोडिंग कार्य भी पूरा करायें ताकि शासन को वास्तविक भौतिक प्रगति से अवगत कराया जा सके। उन्होनंे कहा कि स्वच्छता कार्यक्रम केन्द्र एवं राज्य सरकार की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों में शामिल है अतः इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और न ही कार्य की गुणवत्ता और मानक से अनदेखी क्षम्य होगी। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की वार्षिक कार्य योजना 2017-18 पर चर्चा करते हुए निर्देशित किया कि योजना के सफल संचालन के लिए पूरी संवेदनशीलता और निष्ठा के साथ कार्य करें और कार्य प्रगति की पाक्षिक रूप से समीक्षा करते हुए मौके़ पर भी गुणवत्ता की जांच करना सुनिश्चित करें।




जिलाधिकारी जगतराज आज पूर्वाहन 12 बजे कलैक्ट्रेट सभागार में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत जिला स्वच्छ भारत मैनेजमेन्ट कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के प्रति केन्द्र और राज्य सरकार अति संवेदनशील और गंभीर हैं और उनकी स्पष्ट मंशा है कि इस वित्तीय वर्ष में पूरा उत्तर प्रदेश ओडीएफ बन जाए और इसी के साथ सभी नागरिकों के मन में स्वच्छता के प्रति सजगता और जागरूकता पैदा हो जाए ताकि स्वच्छ भारत मिशन को साकार रूप प्रदान हो सके। उन्होनंे कहा कि मानसिक परिर्वतन से ही व्यवहार में परिर्वतन आता है और स्वच्छता के स्थायित्व के लिए मन में स्वच्छता के प्रति सकारात्मक परिर्वतन होना अति आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि मन की स्वच्छता का प्रभाव न केवल शारीरिक स्वच्छता पर पड़ता है बल्कि उसके सुप्रभाव मनुष्य के आचरण व्यवहार पर पड़ने के साथ समाज पर भी निश्चित रूप से पड़ता है। उन्होने निर्देश दिये कि संबंधित विभाग के अधिकारी शौचालय निर्माण के साथ-साथ जन सामान्य में स्वच्छता के प्रति जागरूकता और संवेदना जागृत करने का प्रयास करें ताकि लोग स्वयं ही प्रेरित हो कर स्वच्छता को अंगीकार कर स्वच्छ भारत के मिशन को सफल बनाने में अपना योगदान दें।

इस अवसर पर जिलाधिकारी राज द्वारा प्रकाश में आया कि जिलेे की कुल 1128 ग्राम पंचायतों में से वर्तमान तक 621 ग्राम पंचायतें ओडीएफ हो चुकी हैं बाक़ी 507 पंचायतों को सभी बीडीओ और एडीओ द्वारा 30 जून,17 तक ओडीएफ करने का संकल्प लिया गया है। निर्मित शौचालयों की फोटो अपलोडिंग कार्य की प्रगति बहुत धीमी पाए जाने पर उन्होनंे निर्देश दिये कि कार्य में अपेक्षित तेजी लायी जाए ताकि शासन को जिले की वास्तविक भौतिक प्रगति का आभास हो सके।




उन्होंने निर्देश दिये कि शौचालय निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज मिस्त्रियों को प्रत्येक विकास खण्डवार प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। समीक्षा के दौरान संज्ञान में आया कि कुल 1128 ग्राम पंचायतों में बेसलाईन सर्वे के अनुसार शोचालय विहीन परिवारों की संख्या 261155 है जिसके विपरीत 155212 शौचालय निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 2017-18 में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत वित्तीय भौतिक प्रगति की समीक्षा करते हुए पाया गया कि केन्द्रांश एवं राज्यांश के रूप में प्रचार-प्रसार मद में 66.06 लाख, प्रचार-प्रसार मद (एचआरडी) में 42.86, प्रशासनिक व्यय मद में 69.53, शौचालय निर्माण मद में 9788.95 तथा सालिड एण्ड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेन्ट मद में 38 लाख रूपये इस प्रकार कुल 10038.40 लाख रूपये की धनराशि सभी मदों में व्यय हुयी है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डा0 इन्द्रमणि त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन मदन सिंह गर्ब्याल, मुख्य चिकित्साकारी डा0 सुखवीर सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए हीरालाल, जिला पंचायत राज अधिकारी मनीष कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट

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