अनोखी मिसाल: सरकार के 17.5 लाख ठुकरा गांव को ‘खुले में शौच से मुक्त’ कराया

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बिजनौर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत चल रही सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में देश का ग्रामीण इलाका सबसे आगे है। एक तरफ सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिये पूरा सरकारी अमला प्रचार-प्रसार में लगा हुआ है, वहीं यूपी के एक बहुचर्चित इलाके से चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बिजनौर जिले में एक गांव ऐसा हैं, जहां ग्रामीणों ने सरकारी योजना के तहत आया पैसा ठुकरा दिया और खुद एक नई मिसाल कायम कर दी।




दरअसल, बिजनौर के मुबारकपुर गांव में ‘खुले में शौंच से मुक्ति’ के लिये सरकार से 17.5 लाख की मदद मिली थी, जिसे ग्रामीणों ने ठुकरा दिया और अपने पैसों से ‘खुले में शौंच से मुक्ति’ अभियान को साकार कर दिखाया। गांववालों ने सरकार से मिल रहे 17.5 लाख रुपए के बिना ही आपस में पैसे इकठ्ठा कर शौचालय बनवाए हैं।


3500 की जनसंख्या में 146 टाइलेट थे—

अब मुबारकपुर गांव को ‘खुले में शौच से मुक्त’ घोषित कर दिया गया है। इस गाँव में 661 परिवार रहते हैं। इस गांव में 3500 की जनसंख्या है। पहले महज 146 घरों में ही टॉयलेट थे। बाकी के परिवार खुले में ही शौच जाते थे। इस गांव के प्रधान किश्वर ने टॉयलेट का प्रपोजल प्रशासन को भेजा था। जिला प्रशासन द्वारा 17.5 लाख रुपए प्रधान के जॉइंट बैंक अकाउंट में डाले गए। लेकिन ग्रामीणों ने मदद लेने से इंकार कर दिया।


रमजान के महीने में किया ये काम —

ग्रामीणों का कहना है, रमजान के महीने में अच्छे कामों के लिए मदद ली नहीं, दी जाती है। घरों में शौचालय बनाना अच्छा काम है और यह काम हम खुद करेंगे। मुबारकपुर गांव की इस अनोखी मिसाल की तारीफ चारों ओर हो रही है, वहीं जिले का प्रशासनिक अमला भी इस गांव की तारीफ करते नहीं थक रहा।


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