आपको कूल नहीं फूल बना रहे हैं अमिताभ बच्चन

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लखनऊ। गर्मियां शुरू होते ही तरह तरह के प्रोडक्ट्स के विज्ञापन हमारे टेलीविजन सेट पर आने लगते हैं। किसी विज्ञापन में ठंडा पीने से गर्मी से निजात मिलने के दावे होते हैं तो किसी विज्ञापन में नाच गा कर कोई बड़ा कलाकार आपको ठंडा रखने वाले तेल और पाउडर के प्रयोग की अपील करता नजर आता है। चूंकि ऐसे अाधिकांश प्रोडक्ट्स का प्रचार सिनेमा और खेल जगत की जानी मानी हस्तियां करतीं है इसलिए आम आदमी के भीतर इन प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े नहीं होते। हाल ही में मैगी जैसे जाने माने नूडल की गुणवत्ता मानक से कम पाए जाने पर इसका खुलासा हुआ था।




मैगी के बाद नया खुलासा हुआ है नवरत्न तेल को लेकर। अगर आपने इस तेल का प्रयोग किया है तो आप जानते होंगे कि यह तेल सिर में लगाने के बाद आपके सिर को कुछ मिनटों के लिए इतना ठंडा कर देता है कि वह सुन्न सा हो जाता है। जिसे वजह से हम मान लेते हैं कि टेलीविजन पर अमिताभ बच्चन यानी इस तेल के ब्रांड एंबेसडर जो दावा कर रहे हैं वह बिलकुल सही है।

अमिताभ बच्चन के दावे को वाराणसी के बीएचयू मेडिकल कालेज के न्यूरोलॉजी के प्रोफेसर डॉक्टर विजय नाथ मिश्रा ने यह कहते हुए चैलेंज किया है कि उनके ठंडे और कूल कूल रखने वाला तेल वास्तविकता में लोगों को नई बीमारियों की ओर धकेल रहा है। इस तेल को लगाने के बाद ठंडक मिले इसके लिए अत्यधिक मात्रा में कपूर मिलाया जा रहा है। जिसकी वजह से लोगों के दिमाग की नसे कमजोर पड़ जातीं हैं, उनकी शिथिलता बढ़ने लगती है और आंखों की रोशनी कमजोर होने लगती है।




प्रोफेसर का दावा है कि इस तेल को लगाने वाला व्यक्ति जल्द ही इसका आदी हो जाता है। उनके कहने का तात्पर्य यह है कि इस तेल की लत किसी नशे की तरह लगती है। चूंकि अमिताभ बच्चन एक विज्ञापन में नाच गा कर इस तेल के गुण गिनवा रहे हैं इसलिए इस तेल को प्रयोग करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

प्रोफेसर विजय नाथ मिश्रा ने अपने दावे को मजबूती से सामने रखने के लिए एक केस स्टडी भी तैयार की है जिसमें स्पष्ट किया गया है कि इस तेल का प्रयोग करने वाले लोगों पर किस प्रकार के प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहे हैं।

अमिताभ बच्चन को इस तेल द्वारा होने वाले प्रतिकूल प्रभावों की जानकारी देने के लिए प्रोफेसर विजय ने ट्विटर का सहारा लिया है। उन्होंने अमिताभ बच्चन से तेल का विज्ञापन न करने की अपील करते हुए कहा है कि उनके इस सुझाव से निश्चित ही उन्हें आर्थिक नुकसान होगा, जिसकी भरपाई करने के लिए वह स्वयं तैयार हैं।




अब देखना ये होगा कि क्या अमिताभ बच्चन प्रोफेसर की सलाह को अमल में लाते हैं। इससे अमिताभ बच्चन कोल्ड ड्रिंक्स और मैगी का विज्ञापनों को कुछ ऐसे ही कारणों से छोड़ चुके हैं। मैगी की गुणवत्ता खराब पाए जाने के बाद अमिताभ बच्चन से सार्वजनिक रूप से कहा था कि वे भविष्य में इस बात का ध्यान रखेंगे कि वह जिस प्रोडक्ट के लिए विज्ञापन करें वह किसी प्रकार से हानिकारक न हो।

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