3 जून से शुरू होगी EVM की अग्निपरीक्षा, हर पार्टी को मिलेंगे 4 घंटे

नई दिल्ली। ईवीएम (EVM) की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने वाले तमाम राजनीतिक दलों दावों की पोल खोलने के लिए निर्वाचन आयोग ने अग्निपरीक्षा की तैयारी कर ली है। आयोग की ओर से 7 राष्ट्रीय और 48 क्षेत्रीय राजनीतिक दलों को ईवीएम की टैम्परिंग करने की चुनौती दी गई है। जिसके लिए हर राजनीतिक दल को उसके टैम्परिंग विशेषज्ञ के साथ 4 घंटे का समय दिया जाएगा। इस समय के भीतर ईवीएम को टैम्पर करके दिखाना होगा।




मिली जानकारी के मुताबिक 3 जून से एक—एक कर राजनीतिक दलों को बुलाया जाएगा। जिन्हें अलग—अलग 4 घंटे का समय ​देकर ईवीएम को टैम्पर कर दिखाने की चुनौती दी जाएगी। आयोग ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर आश्वस्त है। आयोग का कहना है कि चुनावों के दौरान कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें ईवीएम खराब मिली है, जिनकी शिकायत के बाद दोबारा मतदान करवाए गए हैं, लेकिन ऐसा कहना गलत है कि ईवीएम से छेड़छाड़ कर चुनावी नतीजों को प्रभावित किया जा सकता है।




ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने वाले दलों में कांग्रेस, बसपा, सपा, आप और तृणमूल कांग्रेस जैसे राजनीतिक दल शामिल हैं। इन सभी दलों ने आरोप लगाया था कि 2017 में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के दौरान प्रयोग हुई ईवीएम मशीनों से बड़े स्तर पर छेड़छाड़ की गई थी। जिनमें से आप ने 90 सेकेंड में ईवीएम की टैंपरिंग का दावा करने के अलावा दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर एक ईवीएम जैसी दिखने वाली मशीन को अपने विधायक सौरभ भारद्वाज से टैंपर करवाकर उस दावे की नुमा​इश भी की थी।




आपको बता दें कि 12 मई को निर्वाचन आयोग ने सर्व​दलीय बैठक बुलाकर ईवीएम को लेकर चर्चा की थी। जिसके बाद ईवीएम टैंपरिंग के दावों को सही साबित करने के लिए सभी राजनैतिक दलों को मौका दिए जाने का निर्णय हुआ था। हालांकि उस समय निर्वाचन आयोग ने इस कार्य के लिए तारीख की घोषणा नहीं की थी।