18 साल बाद फिर हारा पाकिस्तान, ICJ ने फांसी पर लगाई रोक

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हेग। इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) ने कुलभूषण जाधव की फांसी की सज़ा पर रोक लगाते हुए अपना फैसला सुनाया है। ICJ ने इस केस पर फैसला सुनाते हुए कहा है कि जब तक इस मामले पर अंतिम फैसला नहीं आ तब तक जाधव को फासी नहीं दी जा सकती। ICJ ने पाक से कहा- वियना कन्वेंशन के तहत आपको जाधव को कॉन्स्यूलर एक्सेस भी देना होगा। बता दें कि पाक ने जाधव को भारत का जासूस बताते हुए पिछले साल गिरफ्तार किया था। मिलिट्री कोर्ट ने पिछले महीने उसे फांसी की सजा सुनाई थी। भारत ने इंटरनेशनल कोर्ट में इसके खिलाफ अपील की थी। इंटरनेशनल कोर्ट में पाक के खिलाफ भारत को 18 साल बाद फिर जीत मिली है। 1999 में भी एक मामले में कोर्ट ने पाक के दावे को खारिज कर दिया था।



ICJ ने भारतीय वक्त के मुताबिक दोपहर 3.30 बजे फैसला सुनाया। इस दौरान चीफ जस्टिस रोनी अब्राहम और बाकी 10 जज मौजूद थे। अब्राहम ने सबसे पहले दोनों देशों की तरफ से मंगलवार को पेश की गईं दलीलों की समरी पढ़कर सुनाई। इसके बाद ICJ का ऑर्डर ऑफ मैरिट (वो बातें जिन पर फौरन अमल किया जाना है।) पढ़कर सुनाया।




अब्राहम ने कहा, “भारत और पाक दोनों वियना कन्वेंशन का हिस्सा हैं। उन्हें जिम्मेदार देश की तरह बर्ताव करना होगा। पाकिस्तान जाधव पर भारत को कॉन्स्यूलर एक्सेस दे। जब तक ये कोर्ट उस पर आखिरी फैसला नहीं सुना देता तब तक उसे मिलिट्री कोर्ट द्वारा दी गई फांसी की सजा पर अमल नहीं किया जा सकता। जाधव को मर्सी पिटीशन दायर करने का हक है। सिविलाइज्ड सोसायटी में हर देश को पहले से तय नतीजे पर सजा देने का अधिकार नहीं है।”




पाक को सबूत भी देने होंगे

इस फैसले में एक बेहद अहम बात है। कोर्ट ने पाकिस्तान से साफ कहा है कि उसे ये कोर्ट को सबूतों के साथ बताना होगा कि उसे जो ऑर्डर ICJ ने दिए हैं, उन पर किस तरह अमल किया गया।

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