ISRO की इस तकनीकि से भारत भी हाई स्पीड इंटरनेट की दुनिया में होगा शामिल

नई दिल्ली। साल 2016 में भारत ने अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए चीन के बाद दुनिया का सबसे ज्यादा इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाला देश बन तो गया हाई लेकिन आज भी हमारा देश इंटरनेट की स्पीड के मामले में कई देशों से पीछे है। लेकिन खुशी की बात यह है कि सिर्फ 18 महीने में बहुत बड़ा बदलाव आने वाला है। जी हां आपको बता दें कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) तीन संचार उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजने के प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। इसके पीछे उनका मकसद देश में हाई स्पीड इंटरनेट युग का आगाज करना है।




बातचीत के दौरान इसरो के चेयरमैन किरन कुमार ने बताया ‘हम तीन संचार उपग्रह लांच करने जा रहे हैं, जिसमें GSAT-19 जून में GSAT-11 उसके बाद और फिर GSAT-20 शामिल हैं। GSAT-19 को भारत के नेक्स्ट जेनरेशन लॉन्च व्हीकल के जरिए प्रक्षेपित किया जाएगा। इसमें क्रायोजेनिक इंजन लगा हुआ है जो कि 4 टन क्षमता के सेटेलाइट को जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में पहुंचाने की क्षमता रखता है।

नई दिल्ली। साल 2016 में भारत ने अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए चीन के बाद दुनिया का सबसे ज्यादा इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाला देश बन तो गया हाई लेकिन आज भी हमारा देश इंटरनेट की स्पीड के मामले में कई देशों से पीछे है। लेकिन खुशी की बात यह है कि सिर्फ 18 महीने में बहुत बड़ा बदलाव आने वाला है। जी हां आपको बता दें कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) तीन संचार उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजने…
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