किन्नर

जानिये किन्नरों से जुड़े कई रहस्य, जो आप नहीं जानते होंगे

734

नई दिल्ली। शुभ कार्य हो या बच्चा पैदा हुआ हो, सबसे पहले किन्नर ही आते हैं। आम इंसानों से भिन्न किन्नर के तौर-तरीके, रहन-सहन भी अलग होते है। लोग इन्हें हिजड़े के नाम से भी जानते हैं। घरों में बच्चा होने के दौरान ये जरुर आते हैं। न्योछावर लेकर बच्चें और परिवार के लोगों को आशीर्वाद देकर जाते है। लोग इनके मांगे पैसों को देने से इनकार भी नहीं करते हैं और मांगी गयी रकम को चुपचाप दे देते हैं।




कुछ लोग कहते है कि इनको दुखी कर देने से ये श्राप दे देते है, जिससे इंसान के जीवन में दुखो का पहाड़ टूट पडता हैं। लेकिन लोंग यह जानने का प्रयास नही करते हैं कि ऐसा क्यों होता हैं। देश में किन्नरों की संख्या लगभग 5 लाख हैं। किन्नरों से जुड़े कई अपवाद हैं, ये ऐसा क्यों करते हैं और किस लिए करते हैं। इनसे जुड़ी कई बातों को हम बता रहे हैं।




1.ऐसा माना जाता हैं कि ब्रह्मा जी की छाया से किन्नरों की उत्पत्ति हुई थी, कई ज्योतिषों के मुताबिक वीर्य की अधिकता से बेटा होता है और रज (रक्त) की अधिकता से बेटी। लेकिन रक्त और वीर्य दोनों बराबर रहें तो किन्नर का जन्म होता है।
2.किन्नरों की बद्दुआ नहीं लेनी चाहिए क्योकिं ये बचपन से लेकर बड़े होने तक दुखी ही रहते हैं। ऐसे में दुखी दिल की दुआ और बद्दुआ लगना स्वाभाविक हैं। किसी की मौत होने के बाद पूरा हिजड़ा समुदाय एक हफ्तें तक भूखा रहता है।





3.किन्नरों के बारे में अगर सबसे गुप्त कुछ है, तो वह है इनका अंतिम संस्कार। जब इनकी मौत होती है, तो उसे कोई आम आदमी नहीं देख सकता। इसके पीछे की मान्यता ये है कि ऐसा करने से मरने वाला फिर अगले जन्म में किन्नर ही बन जाता है। इनकी शव यात्राएं रात में निकाली जाती है। शव यात्रा निकालने से पहले शव को जूते और चप्पलों से पीटा जाता है। इनके शवों को जलाया नहीं जाता, बल्कि दफनाया जाता हैं।
4.किन्नर समुदाय ख़ुद को मंगलमुखी मानते हैं। इसलिए ये लोग विवाह, जन्म समारोह जैसे मांगलिक कार्यों में भाग लेते हैं। मरने के बाद भी ये लोग मातम नहीं मनाते, बल्कि खुश होते हैं कि इस जन्म से पीछा छूट गया।


5.किन्नर की दुआएं किसी भी व्यक्ति के बुरे समय को दूर कर सकती हैं माना जाता है कि इन्हें भगवान श्रीराम से वनवास के बाद वरदान प्राप्त हैं कहा जाता है कि इनसे एक सिक्का लेकर पर्स में रखने से धन की कमी भी दूर हो जाती हैं।

In this article