अंतर्राष्ट्रीय अदालत पर टिकी निगाहें, कुलभूषण जाधव की मौत की सज़ा पर फैसला कल

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हेग। कुलभूषण जाधव मामले में देशभर के लोग ताक लगाए बैठे हुए है, 125 करोड़ भारतीय कुलभूषण जाधव की वापसी की राह देख रहे हैं। इस मसले पर कल यानि गुरुवार को भारतीय समयानुसार दोपहर साढ़े तीन बजे अंतरराष्ट्रीय अदालत (ICJ) अपना फैसला सुनाएगा। इस मामले की सुनवाई 15 मई को हुई थी जिसमे भारत की ओर से वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने अपनी बात रखी थी। बताते चले कि पाकिस्‍तान की मिलिट्री कोर्ट ने इंडियन नेवी से रिटायर्ड ऑफिसर जाधव को जासूसी के आरोप में मौत की सजा सुनाई है जिसकी सुनवाई नीदरलैंड की राजधानी हेग स्थित इंटरनेशनल कोर्ट में चल रही है।



आईसीजे गुरुवार को स्‍थानीय समयानुसार दोपहर 3:30 बजे जाधव के केस में फैसला देगा जिसका सुनवाई 15 मई को पूरी हुई है। आठ मई को भारत ने जाधव की सजा पर रोक लगाने के लिए आईसीजे की शरण ली थी। इसके बाद नौ मई को आईसीजे ने पाकिस्‍तान से जाधव की मौत की सजा पर रोक लगाने के लिए कहा था। भारत की ओर से इस मामले को जाने-माने वकील हरीश साल्‍वे कोर्ट में पेश किया था। भारत ने पाकिस्‍तान पर आरोप लगाया है कि उसने कुलभुषण जाधव को काउंसलर से मिलने न देकर विएना संधि को तोड़ा है। पाकिस्‍तान ने जाधव पर जासूसी और भारत की इंटेलीजेंस एजेंसी रॉ का एजेंट होने का आरोप लगाया था। वहीं भारत ने पाकिस्‍तान के इन सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया था। आईसीजे में 15 जजों की एक बेंच जाधव के मामले पर फैसला लेगी।




पाक की एक अपील को आईसीजे ने ठुकराया

कुलभूषण जाधव मामले में जिस समय पाकिस्‍तान की ओर से पैरवी हो रहे थे उस समय आईसीजे ने उसे करारा झटका दिया था। पाक की ओर से अनुरोध किया गया था कि कोर्ट उसे जाधव के उस इकबालिया बयान का वीडियो चलाने की अनुमति जो उसने रिकॉर्ड किया है। कोर्ट ने पाक के इस अनुरोध को मानने से इनकार कर दिया था। जाधव की पैरवी कर रहे हरीश साल्‍वे ने इस पर कहा कि पाकिस्तान को उम्मीद थी कि जाधव के इकबालिया बयान वाला वीडियो चलाकर साबित करेगा कि वह भारत की ओर से भेजा गया जासूस है। इसके साथ ही पाक, भारत पर जासूसी गतिविधियों को चलाने अपने आरोपों को पुख्ता करना चाहता था।

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