क्या केजरीवाल के सिर मढ़ी जाएगी साढू सुरेन्द्र कुमार बंसल की मौत..?

नई दिल्ली। राजनीतिक भ्रष्टाचार को मिटाने की जिम्मेदारी के साथ राजनीति शुरू करने वाले दिल्ली के सीएम अरविन्द केजरीवाल इन दिनों भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं। उनके ऊपर आरोप लगाने वाले कोई और नहीं भ्रष्टाचार विरोधी आन्दोलन में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले और उनकी सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा हैं। कपिल मिश्रा ने रविवार को प्रेस कांफ्रेंन्स कर अरविन्द केजरीवाल पर उनके साढू यानी सुरेन्द्र कुमार बंसल नाम के व्यक्ति के नाम पर 50 करोड़ की कीमत वाले 7 एकड़ में फैले छतरपुर के फार्म हाउस के लिए अपनी ही सरकार के कैबिनेट मंत्री सत्येन्द्र जैन से डील करने का आरोप लगाया था।



कपिल मिश्रा का अरोप है कि अरविन्द केजरीवाल और उनके भ्रष्ट मंत्री सत्येन्द्र जैन के एक डील हो रखी है। सत्येन्द्र जैन बतौर मंत्री जो भी भ्रष्टाचार करते हैं उसका एक हिस्सा केजरीवाल को पहुंच जाता है। यही वजह है कि केजरीवाल तमाम आरोपों के बावजूद सत्येन्द्र जैन को अपनी कैबिनेट से नहीं निकाल रहे हैं।




कपिल मिश्रा ने जब रविवार को आरोप लगाए थे तो उन्होंने कहा था कि केजरीवाल ने सत्येन्द्र जैन से अपने करीबी रिश्तेदार के लिए 50 करोड़ की जमीन की ​डील की थी। ये करीबी रिश्तेदार कौन है इसका भान आम आदमी पार्टी से जुड़े कुछ गिने चुने लोगों को ही था क्योंकि इस तरह की खबरें पार्टी के भीतर और विरोधियों के बीच एक लंबे अर्से से तैर रहीं थीं।




केजरीवाल की कारगुजारियों से नाराज कपिल मिश्रा ने जैसे ही सार्वजनिक रूप से केजरीवाल की इस डील का जिक्र किया और सीबीआई और एसीबी तक मामले को ले जाने का जिक्र किया तो, अगले ही दिन खबर आई कि केजरीवाल के साढू सुरेन्द्र कुमार बंसल का निधन हो गया है। दिल का दौरा पड़ने से हुए सुरेन्द्र बंसल के आकस्मिक निधन ने उनके नाम पर हुई फार्म हाउस की डील को लेकर उठे सवालों पर दोबारा सोचने को मजबूर कर दिया। आखिर ऐसा क्या था छतरपुर के उस फार्म हाउस में जिसके सार्वजनिक रूप से विवादों में आने और जांच के डर ने बंसल को मौत के मुंह में धकेल दिया?



सुरेन्द्र कुमार बंसल के निधन को उनके ऊपर लगे आरोपों से जोड़कर देखे जाना इसलिए लाजमी हो गया क्योंकि स्वर्गीय बंसल ही अरविन्द केजरीवाल के वह करीबी रिश्तेदार हैं जिनके नाम पर 50 करोड़ की जमीन की डील के आरोप लगे हैं। जिसे सोमवार को केजरीवाल पर आरोप लगाने वाले पूर्व मंत्री ​कपिल मिश्रा ने भी उनका नाम लेकर स्पष्ट कर दिया।




डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने भी सोमवार को ​कपिल मिश्रा की प्रेस कांफ्रेन्स के बाद जिस तरह से बंसल के निधन की जानकारी देकर पूरे मामले को भावनात्मक बनाकर केजरीवाल के पक्ष में सहानुभूति जुटाने का प्रयास किया। उसका असर कुछ उल्टा ही पड़ा। शायद केजरीवाल ये भूल गए थे कि राजनीति में हर बात के कई मायने निकाले जाते हैं। ऐसा ही उनके मामले में होता नजर आ रहा है। विरोधी दबी जुबान से ये बात जरूर कह रहे हैं कि लाशों पर राजनीति नहीं करनी चाहिए लेकिन इसके साथ ये भी कह रहे हैं कि बंसल की मौत के जिम्मेदार अरविन्द केजरीवाल हैं।

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