महज दिखावे के खातिर लगाया शहीद के घर में AC-सोफा, सीएम के निकलते ही ले भागे अफसर

देवरिया। देश की खातिर सीमा पर जान गवाने वाले शहीदों की शहादत पर सियासी रोटी सेंकना कहां से जायज है। देश के लिए शहीद हो रहे जवान के परिजनों के साथ सांत्वना के एवज में दिखावा करना कितना सही है। यह सब सवाल हम इसीलिए कर रहें हैं क्योकि यही आलम है आज के समय में देश के राजनेताओं से लेकर अधिकारियों का जो महज अपने स्वार्थ के लिए दिखावा करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे है। अब बात करते है यूपी के शहीद प्रेम सागर जो कि देवरिया के टिकमपार गांव के रहने वाले थे और पिछले दिनों पुंछ में पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम (बीएटी) के हमले में शहीद हो गए थे। इसके 11 दिन बाद यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ प्रेमसागर के परिजनों से मिलने उनके घर पहुंचे। योगी के दौरे के 24 घंटे पहले एडमिनिस्ट्रेशन ने शहीद के घर को हाइटेक बना दिया। जिस कमरे में सीएम परिजन से मिलने वाले थे, उसमें एसी लगाया गया। सोफे और कालीन बिछाए गए। लेकिन योगी के जाते ही ऐसा देखने को मिला जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती। दरअसल शहीद के बेटे ईश्वर चंद्र ने मीडिया को बताया कि सीएम योगी के जाने के आधे घंटे के बाद ही सब कुछ हटा लिया गया।




बता दें कि सीएम ने शुक्रवार को शहीद प्रेमसागर के घर पहुंचकर उनके परिजन से मुलाकात की। उन्होंने 4 लाख का चेक और 2 लाख रुपए की एफडी दी। योगी के पहुंचने के पहले गुरुवार शाम से ही शहीद के गांव में अफसरों ने डेरा डाल दिया था। शहीद प्रेम सागर के बेटे ईश्वर चंद्र ने बताया, ”जिस कमरे में हमें सीएम योगी से मिलना था, उसमें शुक्रवार सुबह ही बांस-बल्ली के सहारे एसी लगा दिया गया था। सीएम के जाते ही सारी सुविधाएं हटा ली गईं। एसी को आधे घंटे के अंदर ही निकाल दिया गया।”



ईश्वर चंद्र ने बताया, ”गुरुवार शाम से ही गांव में अधिकारी आ गए थे। बताया गया कि योगी हमसे मिलने आ रहे हैं। इसके बाद से अधिकारी हमारे घर को व्यवस्थित करने में जुट गए। रातों-रात घर में सोफा-कालीन लाया गया। इतना ही नहीं, तौलिए तक बदल दिए गए। रात में ही मजदूरों को लगाकर घर के अंदर पेंट भी कर दिया गया। गांव की सड़कें भी रातों-रात चमक गईं। इसके अलावा नालियों को भी साफ किया गया। सीएम शाम को 4:30 बजे हमारे घर पहुंचे और उन्होंने चेक सौंपा और हर संभव मदद का भरोसा दिया। सीएम करीब आधे घंटे रहे। वे जैसे ही गए, घर में लगाया गया एसी, सोफा, कालीन सब अफसरों के कहने पर हटा लिया गया।”





बताते चले कि पाकिस्तानी आर्मी ने 1 मई को एलओसी पर फायरिंग की थी। इस दौरान, बॉर्डर एक्शन टीम (BAT) भारतीय इलाके में 250 मीटर अंदर तक घुस आई थी। BAT ने आर्मी-बीएसएफ की पैट्रोलिंग पार्टी पर हमला कर दिया था। इस हमले में 200वीं बटालियन के हेड कॉन्स्टेबल प्रेम सागर और 22 सिख इन्फैंट्री के नायब सूबेदार परमजीत सिंह शहीद हो गए। इतना ही नहीं बीएटी इन जवानों के सिर काट कर ले गई। प्रेम सागर यूपी के और परमजीत पंजाब के रहने वाले थे।

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