मायावती का आरोप, जातीय भेदभाव को बढ़ावा दे रही है भाजपा सरकार

लखनऊ । बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने रविवार को आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार राजनीतिक विद्वेष की भावना के साथ काम करके जातीय भेदभाव को बढ़ावा दे रही हैे। मायावती ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) उत्तराखंड के पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करने के बाद कहा कि उत्तराखंड में उत्तर प्रदेश की तरह यह प्रक्रिया आगे भी हर स्तर पर जारी रहनी चाहिए। वर्तमान में पार्टी को अनेकों प्रकार की चुनौतियों का सामना है और ऐसे समय में खासकर पार्टी के मूल सिद्धांतों व आदर्शों पर डटकर खड़े रहने की आवश्यकता है।




उन्होने कहा कि उत्तर प्रदेश की तरह ही उत्तराखंड में भी खासकर गरीबों, दलितों, पिछड़ों व ब्राह्मण समाज जातिवादी भेदभाव, राजनीतिक द्वेष व जुल्म-ज्यादती के शिकार बनाए जा रहे हैं और यह सब खुले तौर पर सरकारी संरक्षण में हो रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के जिले गोरखपुर में बसपा विधायक विनय तिवारी के घर पर पुलिस का छापा राजनीतिक द्वेष का ताजा प्रमाण है। इसके अलावा दलित व पिछड़े वर्ग के लोगों को भी हर स्तर पर जातिवादी भेदभाव व जुल्म-ज्यादती का शिकार बनाया जा रहा है।

बसपा अध्यक्ष ने कहा कि गोरक्षा के नाम पर अब भगवा ब्रिगेड के अराजक व आपराधिक तत्व गरीब हिंदुओं को भी अपनी हिंसक तांडव का शिकार बना रहे हैं और सरकार की शासन-व्यवस्था उनके प्रति नरम रवैया अपनाकर उन तत्वों को बचाने का काम करती हुई नजर आती है। ‘हिन्दु युवा वाहिनी’ के नाम पर भी प्रदेश में काफी अराजकता फैलाई जा रही है तथा सरकार यह सब कुछ स्वीकार करते हुए भी उन तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं कर पा रही है, यह गंभीर चिंता की बात है।




उन्होंने कहा कि सहारनपुर जिले की जातिवादी दलित उत्पीड़न की घटनाओं के संबंध में भी प्रदेश भाजपा सरकार का रवैया भी न्यायपूर्ण नहीं है। दोषियों को सजा व पीड़ितों को सहायता देकर सरकार को अपनी निष्पक्षता साबित करने की जरूरत है। इन मामलों में भाजपा नेताओं व इनके मंत्रियों का रवैया भी स्वतंत्र व निष्पक्ष नहीं बल्कि पक्षपातपूर्ण लगता है।