क्राइम का अड्डा बना लखनऊ, चलती कार मे 8वीं की छात्रा से गैंगरेप

लखनऊ| यूपी में एक ओर जहां योगी सरकार अपराध पर शिकंजा कसने का दावा कर रही है, वही दूसरी तरफ अपराध थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ऐसा ही एक मामला लखनऊ से सामने आया है जहां 8वी क्लास की एक छात्रा से कार सवार लड़कों ने पूरी रात गैंगरेप जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। फिर सुबह 4 बजे के करीब लड़की को उसी के घर के सामने छोड़कर फरार हो गए। पीड़ित लड़की की शिकायत पर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया हैं।




मामला लखनऊ के गाजीपुर थाना क्षेत्र के इंदिरानगर इलाके का है। पीड़ित लड़की के पिता के मुताबिक शनिवार रात जब उनकी नींद खुली तो उन्होने अपनी लड़की को घर में नहीं पाया, इसके बाद उन्होने हर जगह लड़की को तलाशना शुरू किया लेकिन उनकी बेटी का कोई पता नहीं चला। इसी बीच रविवार तड़के 4 बजे लड़की गंभीर हालत में घर पहुंची और मां से लिपटकर रोने लगी। पूछताछ में पीड़िता ने जो बाते अपने परिजनो को बताई उसे सुन घर के सभी लोग हैरान रह गए। अगले दिन पीड़िता के परिजन थाने पहुंचे और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। पिता की तहरीर पर चिनहट के रहने वाले और एक डिपार्टमेंटल स्टोर में नौकरी करने वाले अजीत पांडेय, एमबीए की तैयारी कर रहे शशांक गुप्ता और गोमतीनगर निवासी मुकेश सोनी के खिलाफ गैंगरेप, मारपीट, जानमाल की धमकी और पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया। फिलहाल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जानकारी में पता चला है कि आरोपियों में से एक उन्नाव में तैनात सब इंस्पेक्टर का बेटा है।

नशीला पदार्थ खिलाकर किया था बेहोश

पीड़ित लड़की ने बताया कि अजीत जोकि उसका दोस्त है, उसके बुलाने पर वो घर से बिना किसी को बताए निकाल गयी थी, जहां वो सफारी कार से मुझे लेने आया था। कार में शशांक और मुकेश पहले से मौजूद थे। कार में बैठने के बाद तीनों ने खाने-पीने की चीज में कुछ नशीला पदार्थ पिलाकर मुझे बेहोश कर दिया। जब मुझे होश आया तो वो मुझे घर के बाहर छोड़ कर भाग गए।



चैटिंग के बाद वो चैट रिकॉर्ड डिलीट करने को कहता

पीड़िता के अनुसार अजीत का दोस्त मुकेश उससे दोस्ती करना चाहता था जिसके लिए उसने पीड़िता से मोबाइल नंबर भी मांगा था। जब लड़की ने मोबाइल फोन न होने की बात कही तब मुकेश ने उसे मोबाइल फोन गिफ्ट में दिया था। जिसके बाद मुकेश पीड़िता से बात करने लगा और साथ ही आरोपी पीड़िता से वॉट्सएप पर हुई चैट को डिलीट करने को भी कहता था।

क्या कहती है पुलिस

पुलिस का कहना है कि कुछ महीने पहले ही स्कूल आने-जाने के दौरान लड़की की डिपार्टमेंटल स्टोर में काम करने वाले अजीत से मुलाकात हुई थी। इसी दौरान दोनों एक दूसरे से मिलने लगे थे। जिसके बाद आरोपियों ने प्लान बनाकर घटना को अंजाम दिया। पुलिस लड़की के पास से मिले मोबाइल फोन से चैटिंग के रिकॉर्ड निकलवा रही है। विक्ट‍िम को मेडिकल चेकअप के लिए भी भेज दिया गया है।