मोदी सरकार ने किया लाल बत्ती बैन, सिर्फ पांच लोगों को है छूट

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आज वीवीआईपी कल्चर को लेकर एतिहासिक फैसला सुनाया है। मोदी ने कैबिनेट बैठक के दौरान गाड़ियों पर लगने वाली लाल बत्ती को 1 मई से बैन करने का फैसला लिया है। नए नियम के मुताबिक अब केंद्र के अधिकारी और केंद्रीय मंत्री अपनी गाड़ियों पर लाल बत्ती नहीं लगा सकेंगे। हालांकि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, उपराष्ट्रपति, स्पीकर को इससे छूट होगी। बता दें कि यह फैसला 1 मई से लागू किया जाएगा हालांकि, राज्य में यह फैसला लागू करना वहां की सरकारों पर छोड़ दिया गया है।



मोदी ने पहले ही वीवीआईपी कल्चर को खत्म करने के संकेत दे दिये थे। जिसके बाद बुधवार को कैबिनेट बैठक के दौरान इस फैसले पर मुहर लगाई गयी। सूत्रों की माने तो इस फैसले की औपचारिक घोषणा जल्द ही प्रेस कांफ्रेस के जरिये की जाएगी। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि 1 मई से पीएम और सभी मिनिस्टर्स की गाड़ियों से हटा दी जाएगी। इसका इस्तेमाल सिर्फ इमरजेंसी सर्विस व्हीकल्स पर ही किया जाएगा।



सू्त्रों के अनुसार, लाल बत्ती का इस्तेमाल खत्म करने के लिए सड़क व परिवहन मंत्रालय काफी समय से काम कर रहा था। पीएमओ में यह मामला करीब डेढ़ साल से पेंडिंग था। इस मुद्दे पर चर्चा के लिए पीएमओ ने एक मीटिंग भी की थी, जिसमें कई बड़े अधिकारियों से बात की थी। फैसला कैसे लागू किया जाए इस पर परिवहन मंत्रालय ने पांच ऑप्शन दिए थे।




बता दें कि सबसे पहले आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में लाल बत्ती को खत्म करने का फैसला किया था। आप के किसी मंत्री को भी लाल बत्ती की गाड़ी का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी गई थी। उसके बाद विधान सभा चुनाव 2017 में जीत दर्ज करने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने लाल बत्ती पर रोक लगाई। उसके बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने भी ऐसा ही किया।

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