मुस्लिम है योगी आदित्यनाथ के मंदिर का सुपरवाइजर, साथ खाते हैं खाना

लखनऊ| यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भले ही मुस्लिम विरोधी होने के आरोप लगते रहे हों लेकिन सच्चाई इससे उलट है| आपको यह जानकार आश्चर्य होगा कि मंदिर में जब भी कोई मुख्य कार्य होता है तो वह मोहम्मद यासीन अंसारी की देखरेख में ही होता है| यहां तक की पिछले 35 सालों में मंदिर में यदि कोई नींव रखी गई तो वो मोहम्मद यासीन अंसारी की देखरेख में ही रखी गई| इसके अलावा मंदिर में जो भी निर्माण कार्य होता है उसका भुगतान यासीन अंसारी की अनुमति पर ही होता है|




यासीन कहते हैं कि उन्होंने कभी योगी आदित्यनाथ की मुस्लिम विरोधी छवि नहीं देखी| उन्होंने कहा कि जब भी योगी आदित्यनाथ मंदिर में आते हैं तो सबसे पहले उनसे मिलते हैं और निर्माण कार्य की जानकारी लेते हैं| इतना ही नहीं वह हमारे साथ बैठकर खाना भी खाते हैं| उन्होंने कहा कि योगी सिर्फ उनसे नफरत करते हैं जो खाते हिन्दुतान का हैं और गाते कहीं और का है| चाहे वो व्यक्ति हिंदू हो या मुसलमान|

उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ को झूठ बोलने से बेहद नफरत है| वे ईमानदार हैं और दूसरों से उसी की अपेक्षा करते हैं| वो गरीबों की मदद खुलकर करते हैं| मोहम्मद यासीन अंसारी ने बताया कि उनके बड़े अब्बा वली मोहम्मद सबसे बड़े महंत ब्रह्मलीन दिग्विजयनाथ के समय में पीपीगंज आए थे| भंडार उन्हीं के जिम्मे था| सास हमीदा बेगम राशन भंडार कक्ष में रहती थी और गेहूं-चावल आदि साफ-सफाई की जिम्मेदारी देखती थीं|




मोहम्मद यासीन अंसारी योगी आदित्यनाथ के गुरू ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ के समय में मई 1777 में मंदिर से जुड़े| 1977-83 से यासीन मंदिर में बतौर कैशियर रहे| 1983 से लेकर आज तक वे मंदिर के सुपरवाइजर के पद पर हैं|