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निर्भया की मां ने किया फैसले का स्वागत, कहा- लड़ाई अभी जारी रहेगी

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नई दिल्ली: निर्भया के माता पिता ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वागत करते हुए कहा है कि देर है लेकिन अंधेर नहीं। पांच साल से यह टीस उनके सीने में है कि उनकी बेटी के हत्यारे आराम से जी रहे हैं। लेकिन, आज उनका कहना था कि उन्हें इंसाफ मिल गया है। निर्भया की मां का कहना है कि यह इंसाफ सिर्फ उनके लिए नहीं है बल्कि हर उस शख्स के लिए है जिसने इस लड़ाई में उनका साथ दिया है। हालांकि, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अभी लड़ाई खत्म नहीं हुई है। वे देश की हर पीड़िता के लिए यह लड़ाई जारी रखेंगी। निर्भया के पिता ने भी कहा कि उन्हें अब जाकर इंसाफ मिला है।




आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में दिसंबर 2012 में घटी सामूहिक दुष्कर्म की घटना के सभी चार दोषियों की फांसी की सजा शुक्रवार को बरकरार रखी। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया है। आपको बता दें कि हाईकोर्ट ने चारों आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई थी।

न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति आर.भानुमति और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ मामले में फैसला सुनाया। शीर्ष अदालत ने चारों दोषियों- मुकेश, पवन, विनय शर्मा और अक्षय कुमार सिंह की अपीलों पर 27 मार्च को अपना फैसला सुरक्षित रखा था। चारों ने 13 मार्च, 2014 को उच्च न्यायालय द्वारा दोषी ठहराए जाने और सुनाई गई मौत की सजा के खिलाफ अपील की थी। इन चारों के अलावा एक आरोपी राम सिंह ने तिहाड़ जेल में ही आत्महत्या कर ली थी, जबकि एक अन्य नाबालिग आरोपी को बाल अपराध न्याय बोर्ड ने सुधार गृह भेज दिया था। उसने सुधार गृह में सजा के अपने तीन साल पूरे कर लिए हैं।




गौरतलब है कि वर्ष 2012 में 16 दिसंबर की रात को 23 वर्षीय पैरामेडिकल छात्रा के साथ दक्षिण दिल्ली में एक चलती बस में जघन्य तरीके से सामूहिक दुष्कर्म किया गया था और उसे उसके एक दोस्त के साथ बस से बाहर फेंक दिया गया था। उसी साल 29 दिसंबर को सिंगापुर के एक अस्पताल में लड़की की मौत हो गयी थी। दोषी करार दिए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका से निपटने के अलावा सुप्रीम कोर्ट दोषियों को दी जाने वाली सजा की मात्रा के मुद्दे पर भी विचार-विमर्श कर रहा है।

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