राहुल गांधी को सहारनपुर जाने की नहीं मिली अनुमति

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को तनावग्रस्त सहारनपुर जाने की अनुमति देने से इंकार कर दिया है। शुक्रवार को सहारनपुर जा रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष पीएल पुनिया तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा को भी पुलिस ने रास्ते में ही रोक कर वापस कर दिया है। सहारनपुर में कैंप कर रहे राज्य के गृह सचिव मणिप्रसाद मिश्र ने इस संबंध में बताया कि सहारनपुर की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने तय किया है कि किसी भी राजनीतिक दल के नेता को तब तक सहारनपुर का दौरा करने की अनुमति नहीं मिलेगी जब तक यहां स्थिति सामान्य नहीं हो जाती।




इसी के तहत प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का शुक्रवार को सहारनपुर आने का कार्यक्रम निरस्त कर दिया गया। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को भी सहारनपुर आने की अनुमति नहीं दी। श्री गांधी ने पार्टी नेताओं के साथ सहारनपुर के हिंसाग्रस्त गांव शब्बीरपुर में जाने की घोषणा की थी। अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था आदित्य मिश्रा ने बताया कि कांग्रेस नेता को हिंसाग्रस्त क्षेत्र में जाने की अनुमति नहीं दी गई है। श्री मिश्र राज्य के तीन वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सहारनपुर में कैंप कर रहे हैं।

कांग्रेस पार्टी की ओर से कहा गया है कि अनुमति नहीं मिलने के बावजूद गांधी ने सहारनपुर दौरा स्थगित नहीं किया है। हमने कांग्रेस के नेताओं की प्रस्तावित यात्रा के बारे में सहारनपुर के स्थानीय अधिकारियों को सूचित किया है और हमें उम्मीद है कि वे हमें अनुमति देंगे। सचिव गृह मणि प्रसाद मिश्र ने बताया कि शुक्रवार को राज्यसभा सदस्य कुमारी शैलजा और सांसद पीएल पुनिया को पुलिस ने सरसावा के पास रोककर वापस जाने का आग्रह किया। इससे कांग्रेस नेताओं ने पुलिस के रवैए पर नाराजगी जताई और जातीय हिंसा के लिए भारतीय जनता पार्टी को जिम्मेदार ठहराया।




दोनों कांग्रेस नेताओं ने कांग्रेस उपाध्यक्ष इमरान मसूद, जिला अध्यक्ष शशि वालिया एवं नरेश सैनी के साथ बैठक भी की। उन्होंने कहा कि भाजपा की नीति हमेशा से भाईचारा खत्म करने की रही है। शब्बीरपुर गांव की घटना इसकी ताजी मिसाल है। पुलिस ने उन्हें सहारनपुर जाने से रोका और दोनों नेता वापस लौट गए।

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