एनकाउंटर की धमकी दे रहे दरोगा ने 62 हज़ार में किया जान का सौदा

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हाथरस।  यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ जिस खाकी वर्दी के दम पर सूबे की कानून व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने की कवायद में जुटे है उसी वर्दी के नशे में चूर कुछ लोग उनके मंसूबे पर पानी फेरने में जुटे है। मामला हाथरस जिले का है जहां एक दारोगा ने सरेआम एक बेगुनाह को हवालात में डालने के साथ एनकाउंटर तक की भी धमकी दे डाली। हद तो तब हो गयी जब दारोगा ने 1 लाख रुपए रिश्वत के रूप में मांग की। पूरा मामला जब वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा तो दारोगा को निलंबित कर दिया गया।




दरअसल आगरा के दौरेठा निवासी सुनील कुमार बघेल हलवाई ने आईजी जोन सुजीत पांडेय के सामने पेश होकर अपनी आपबीती सुनाई। हलवाई ने बताया कि वह अपने काम से हाथरस के सादाबाद गया था। वापस लौटते समय सादाबाद कोतवाली के मई चौकी क्षेत्र में दुकान पर नाश्ता करने रुक गया। वहां दारोगा सुधीर कुमार सिंह आये और हलवाई की दुकान से अपने साथ थाने ले गये। थाने में सुधीर ने उसे धमकाया। धमकी देते हुए कहा कि चरस बेचने के आरोप में जेल भेज दूंगा। साथ ही विरोध करने पर दरोगा ने हलवाई को फर्जी एनकाउंटर कर देने की धमकी दे डाली।




दरोगा ने युवक को छोड़ने के लिए उससे एक लाख रुपये मांगे तो उसने आगरा और खंदौली से अपने परिचितों को फोन करके बुलाया युवक ने अपने परिचितों से चंदा करके चौकी प्रभारी सुधीर राघव को 62 हजार रुपये दिए, तब कहीं जाकर उसकी रिहाई हो सकी। आईजी जोन सुजीत पांडेय ने इस शिकायत को गंभीरता से लिया गया था। एसपी हाथरस को दरोगा के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए। जांच रिपोर्ट में दरोगा को दोषी पाया गया है। उसने अवैध वसूली की थी। इसी आधार पर उसे निलंबित किया गया है।

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