श्रद्धांजली, bihar sarkaar, CRPF , जवान, पटना, बिहार सरकार , पटना एयरपोर्ट

सुकमा में मारे गए CRPF जवानों का जिम्मेदार कौन?

126

लखनऊ। सोमवार को छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में हुए नक्सली हमले में सीआरपीएफ़ के 25 जवान शहीद हो गए। जिसके बाद से हमेशा की तरह देश भर की सियासी पार्टियां मौके को भुनाने में लग गयी। देश भर के राजनेता इस घटना की कड़ी निंदा कर रहे है लेकिन ऐसी घटनाएँ आगे न घटे इस बात की ज़िम्मेदारी कोई नहीं ले रहा है। सोशल मीडिया पर यूजेर्स अपनी भड़ास भी निकाल रहे है, इसी में कुछ लोगों का मानना है कि एक बार फिर सर्जिकल स्ट्राइक किया जाएगा और ऐसे नक्सलियों को मुहतोड़ जबाब दिया जाएगा। ये तो बाते हुई कायसों की लेकिन वास्तविकता यह है कि हर बार की तरह इस घंटे के बाद भी देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री घटना की कड़ी निंदा की लेकिन ज़िम्मेदारी कौन ले।



सीआरपीएफ़ के अधिकारियों ने कथित तौर पर गृह मंत्री को बताया कि जवानों ने भी कई माओवादियों को मार गिराया है लेकिन अगर जवानों ने नक्सलियों को मार गियाराया है तो उनके शव घटना स्थल पर क्यों नहीं मिलते है। बता दें कि इस नक्सली हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी सीआरपीएफ़ के 25 जवान मारे गए।





बिना मुखिया है बटालियन

मिली जानकारी के अनुसार जिस केंद्रीय सुरक्षा बल ने जम्मू-कश्मीर और छत्तीसगढ़ जैसे चुनौतीपूर्ण इलाकों में जमकर काम किया है और कर रहे हैं, उस बल का का कोई स्थायी मुखिया तक नहीं है। जवानों का कहना है कि सीआरपीएफ़ के महानिदेशक के दुर्गा प्रसाद फ़रवरी में ही रिटायर हुए थे, मगर उनकी जगह किसी महानिदेशक की स्थाई पोस्टिंग अब तक नहीं की गई है एक जवान ने कहा, “बस काम चल रहा है. एक अतिरिक्त महानिदेशक को महानिदेशक का प्रभार दिया गया है। इसका मतलब यह है कि सरकार को सीआरपीएफ़ के लिए कोई महानिदेशक ही नहीं मिल रहा है।”

In this article