तेल चोरी

यूपी में जोरों पर तेल चोरी का गोरखधंधा, सरकारी वाहनों से डीजल चोरी कर बेचते हैं कर्मचारी !

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लखनऊ: ‘जब मेड ही खेत खाने लगे, तो किसान का क्या होगा’ उसका तो भगवान ही मालिक है। यह कहावत नगर निगम पर ठीक बैठ रही है। दरअसल नगर निगम नगर निगम में कूड़ा उठाने वाले वाहनों का माइलेज कम दिखाकर रोजाना सैंकड़ों लीटर डीजल की धड़ल्ले से चोरी हो रही है। निगम के खजाने में सेंध लगाने के इस गोरखधंधे में वाहन चालक और संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मिलकर चांदी कूट रहे हैं।




कूड़ा उठाने वाले वाहनों का माइलेज कम दिखाकर डीजल की चोरी करने का मामला अब खुल ही गया है। नगर निगम में कई करोड़ के इस खेल की जांच सतर्कता विभाग ने की थी और फोर मैन दिनेश कुमार समेत कई को दोषी पाया था। शासन ने भी मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे, लेकिन नगर निगम के अधिकारियों ने फाइल को ही दबा दिया था। अब यह मामला फिर उठा तो शासन स्तर पर बुधवार को नाराजगी जताई गई।

शासन ने जानना चाहा है कि कार्रवाई करने के बजाय फाइल को दबाने में कौन-कौन अधिकारी जिम्मेदार हैं। नगर आयुक्त उदयराज सिंह ने बताया कि बुधवार शाम को ही उन्होंने डीजल चोरी से जुड़ी फाइल को तलब किया है और कल तक उस पर कार्रवाई होगी। उनका कहना था कि यह भी जांच कराई जा रही है कि उनके आदेश पर कोई कार्रवाई अभी तक क्यों नहीं की गई थे और कौन कौन उसके लिए जिम्मेदार है। दरअसल, यह मामला इसलिए उठा है, क्योंकि फोरमैन दिनेश कुमार 15 दिन सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं और अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। डीजल चोरी का यह मामला 2008 से 2012 के बीच का है।

सतर्कता टीम की जांच में पाया गया था नए वाहनों का माइलेज 15 किमी के बजाय 12 किमी का दिखाकर डीजल की चोरी कर नगर निगम को चूना लगाया गया था। इस मामले में अभियंताओं के साथ ही नगर निगम की आरआर वर्कशाप के पेट्रोल पंप पर तैनात कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठे थे। शासन ने इस गड़बड़ी मामले में 14 मई 2015 को सतर्कता टीम से जांच कराने के आदेश दिए थे। जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन नगर विकास सचिव एसपी सिंह ने नगर निगम के आरआर में तैनात तत्कालीन सहायक अभियंता अजय राम के अलावा अधिशासी अभियंता राजीव वाजपेयी को भी प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने के आदेश दिए थे।




नगर निगम तो एक बानगी मात्र है। यूपी में ज्यादातर सरकारी वाहनों से तेल चोरी हो रही है। पीडब्ल्यूडी, बिजली विभाग से लेकर पुलिस विभाग तक हर जगह वाहनों से डीजल चोरी कर बेचने वालों के गिरोह का यह गोरखधंधा फल-फूल रहा है। इतना ही नहीं नहीं मरीजों की सुगमता के लिए चलाई जाने वाली सरकारी एम्बुलेंस को भी नहीं छोड़ रहे हैं। उससे भी चालक तेल चोरी कर कम रेट पर बेच रहे हैं। यदि इन तेल चोरों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो ऐसे ही सरकारी धन को यह डकारते रहेंगे।

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