UPSC टॉपर नंदनी के आर ने चौथे प्रयास में मारी बाजी

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नई दिल्ली। सिविल सेवा परीक्षा(UPSC) दिसंबर 2016 में आयोजित हुई लिखित परीक्षा और मार्च-मई 2017 में पर्सनैलिटी टेस्ट के लिए हुए इंटरव्यू के आधार पर बुधवार सांय परिणाम घोषित कर दिया गया। UPSC की परीक्षा में इस बार मूलतः कर्नाटक की नंदिनी के आर ने टॉप किया है। यह सफलता उन्हे चौथे प्रयास में हांसिल हुई। उन्होंने इस बड़ी सफलता का सारा श्रेय अपने मां-पिता को दिया।




नंदिनी के पिता शिक्षक हैं और माता गृहणी। नंदिनी फरीदाबाद स्थित नेशनल अकेडमी ऑफ कस्टम एक्साइज एंड नारकोटिक्स (नासेन) में नंदिनी आइआरएस का पिछले पांच महीने से प्रशिक्षण ले रही हैं।

नंदनी का अनुभव

यह मेरा चौथा प्रयास है जिसमें मैंने आइएएस क्लीयर किया। दूसरे प्रयास में मुझे आइआरएस में मौका मिला था। आइएएस में टॉप करना मेरे जीवन की सबसे बड़ी खुशी का पल है। माता-पिता मेरे आदर्श हैं। मैं अपने पिता के आदर्श जीवन को सिविल सर्विस में कार्य करते हुए अपनाना चाहती हूं।

सफलता का राज

मेरा हमेशा से लक्ष्य रहा था कि मैं सिविल सर्विसेस में ही जाऊं। मैंने चार बार मेहनत की और काफी प्रयास भी किया लेकिन कुछ कमियो की वजह से मुझे सफलता नहीं और इस बार मुझे सोच से भी ज्यादा सफलता मिली है। मैं अपनी सफलता की अहमियत अपनी कड़ी मेहनत और अपने माता-पिता को देना चाहूंगी। एकाग्रचित होकर सफलता का कोई भी मुकाम हांसिल किया जा सकता है। अब लड़कियां हर क्षेत्र में बाजी मार रहीं हैं।

जानिए नंदनी से जुड़ी बातें और उनकी कुछ राय

नंदनी की पढ़ाई प्राइमरी माध्यमिक शिक्षा कर्नाटक के कोलार जिला में हुई है। मैंने बचपन से कन्नड़ भाषा में पढ़ाई की है और मुझे कन्नड़ भाषा का अच्छा ज्ञान भी है। मेरी साहित्य पढ़ने में रुचि है। बचपन से ही कन्नड़ व अंग्रेजी में साहित्य पढ़ती रही हूं। हालांकि अब कुछ समय से हिन्दी पढ़ने का भी प्रयास कर रही हूं। अब मेरा हिन्दी भाषा से भी लगाव हो रहा है। उनसे पूछा गया कि आपको देश की सबसे बड़ी समस्या क्या लगती है इसपर उन्होने बोला कि महिलाओं के साथ होने वाला भेदभाव, भ्रष्टाचार को राजनीतिक संरक्षण ,लोगों के नैतिक मूल्यों में गिरावट यह मुझे हमारे देश की सबसे बड़ी समस्या लगती है।

आईएएस अधिकारी बनकर मैं महिलाओं को सशक्त करने के लिए काम करना चाहती हूं। समाज के मौजूदा दौर में एक अच्छा नागरिक बनाना ज्यादा जरूरी है।

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