योगी की पुलिस के इकबाल को चुनौती, पुलिस मुख्यालय के सामने ठेकेदार की हत्या

इलाहाबाद। यूपी में सरकार भले ही बदल गई हो लेकिन कानून व्यवस्था जस की तस बनी हुई है। बदमाश इतने बेखौफ हैं कि पुलिस मुख्यालय के सामने अंधाधुंध फायरिंग कर लोगों की हत्या कर रहे हैं और पुलिसकर्मी अपने ही मुख्यालय से नदारद है। इसे गुंडाराज नहीं कहेंगे तो और क्या कह सकते हैं।




घटना इलाहाबाद के पॉश माने जाने वाले सिविल लाइन्स इलाके की है जहां अपनी पत्नी के साथ होटल से खाना पैक करवाकर गाड़ी में बैठने जा रहे 36 वर्षीय ठेकेदार धीरज सिंह और उनकी पत्नी अनू पर बाइक सवार कुछ हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हमला जिस नियत से किया गया बदमाश उसमें कामयाब रहे धीरज सिंह ने अस्पताल पहुंचने तक दम तोड़ दिया तो एक गोली उसकी पत्नी के कंधे को छीलती हुई निकल गई।




मिली जानकारी के मुताबिक धीरज सिंह रिटायर्ड डीआईजी त्रिलोचन सिंह के बेटे थे और पीडब्ल्यूडी की ठेकेदारी करते थे। धीरज की मौत से उनकी पत्नी का बुरा हाल है अपनी आंखों के सामने पति को गोली लगता देखने के बाद अनू सिर्फ एक ही बात कह रही है कि आखिर ये कैसा प्रदेश है जहां कोई किसी को गोली मारकर चला जा रहा है।

अनू की यह बात उस समय और परेशान कर देती है जब घटना स्थल इलाहाबाद पुलिस के मुख्यालय के बाहर का नजर आता है। वह ऐसी जगह है जहां मुख्यगेट पर हमेशा पहरा रहता है। यह सोचने मात्र से परेशान कर देने वाली वारदात है जो बताती है कि यूपी में आम आदमी कहीं भी सुरक्षित नहीं है। अगर किसी को पुलिस मुख्यालय से महज सौ मीटर की दूरी पर गोली मार कर मौत के घाट उतारा जा सकता है, तो शायद उस मुख्यालय की कुर्सी पर बैठने वाले यूपी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को अपने महकमे के इकबाल को तलाश करने की सख्त जरुरत है।

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