अखलाक की मौत सपा सरकार की बदतर कानून व्यवस्था का नमूना: मायावती

लखनऊ। दादरी में बुजुर्ग की पिटाई से मौत की घटना को शर्मनाक बताते हुए बसपा सुप्रीमों मायावती ने कहा है कि यह घटना पुलिस की विफलता के साथ-साथ प्रदेश की सपा सरकार की बदतर कानून व्यवस्था का नमूना है। मायावती ने कहा कि इस दर्दनाक घटना के लिए आरएसएस और भाजपा से ज्यादा दोषी सपा की सरकार है। उन्होंने कहा कि यह घटना दादरी ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में साम्प्रदायिक मुस्लिम विरोधी अपराधी तत्व सक्रिय होकर प्रदेश का माहौल खराब कर रहे हैं। उन्होंने अरोप लगाया कि सपा सरकार न तो ऐसे लोगों पर कार्रवाई करती है और नही पुलिस को उन पर कार्रवाई करने देती है। यहां तक की सरकार ऐसे लोगों पर मेहरबान भी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में अराजकतत्वों को पूरी छूट मिली हुई है। मायावती ने कहा कि सपा सरकार ऐसी घटनाओं को रोकने की जगह इन घटनाओं को रुपये में तौलना सरकार की आदत बन चुकी है। उन्होंने कहा कि इस घटना में सपा सरकार के साथ आरएसएस और भाजपा की मिली भगत की पोल खुल गई है। उन्होंने इस घटना की कड़ी निंदा की है।

इससे पहले उत्तर प्रदेश के शहरी विकास मंत्री व समाजवादी पार्टी के फायर ब्रांड नेता मोहम्मद आजम खां ने ग्रेटर नोएडा के बिसाडा गांव में अखलाक की हत्या को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है| आजम ने प्रधानमंत्री से पूछा क्या ये पाकिस्तान न जाने की सजा है? आजम खान ने कहा है कि प्रधानमंत्री जी अपने कार्यकर्ताओं को रोकिये| जीवन, राजनीति और पद हमेशा के लिए नहीं होते हैं, लेकिन बदनामी हमेशा के लिए होती है| अभी आपके माथे और दामन से 2002 के गुजरात दंगो का दाग नहीं छूटा है और न ही कभी हटेगा| आप अपने कार्यकर्ताओं से ऐसी हरकते मत कराईये|

उन्होने कहा कि कमज़ोर और अकेले मुस्लमान को इस तरह मार देना सबसे बड़ी नपुंसकता और कायरता है| जिला प्रशासन पर हमला बोलते हुए उन्होने कहा कि मंदिर से ऐलान किये जाने के बाद भी समय से पर्याप्त पुलिस फ़ोर्स नहीं पहुंची, आप अपनी सरकार से क्यों नहीं पूछ रहे हैं कि कैसे ऐसा हुआ| आजम ने कहा कि भाजपा इस कोशिश में है की वो 2017 के चुनावों से पहले उत्तर प्रदेश में कोई बड़ा क़त्ल-ए-आम करे| उन्होने कहा कि किसी ने गोमांस खाया है इस शक के आधार पर किसी की जान ले लेना| ये मानवता को शर्मशार कर देने वाला है और अगर यह बहादुरी है तो बंगाल, त्रिपुरा, मेघालय, गोवा, पांडिचेरी, नागालेंड जाइये जहाँ खुले आम दुकानों पर मांस बिकता है, वहां जाकर बहादुरी दिखाए| मासूमों को मारने से क्या होगा|

उधर, केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री और नोएडा से सांसद महेश शर्मा ने अखलाक की हत्या को दुखदायी बताया है। महेश शर्मा ने कहा कि गलतफहमी के कारण यह घटना हुई है। शर्मा ने कहा,यह बेहद दुखदायी घटना है। एक ही गांव से नाता रखने वाले तथाकथित समुदाय बरसों से साथ रह रहे हैं। किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए। शर्मा ने उन आरोपों को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया है कि पंचायत चुनावों से पहले गांव के ध्रुवीकरण के लिए ऎसा किया गया है। शर्मा ने कहा कि वह स्थानीय पुलिस के साथ संपर्क में हैं और उन्होंने गांवों में दोनों समुदायों के बीच एक बैठक आयोजित की है। शर्मा ने कहा,कुछ संशय था, इस इलाके में कई तरह की घटनाएं हो रही हैं। न केवल गोवध की, बल्कि जानवरों की चोरी और जानवरों को मारे जाने की। इसी क्रम में, जानवरों को मारने को लेकर कुछ गलतफहमी थी और यह घटना उसी का नतीजा है।

गौरतलब है कि सोमवार की रात में दादरी के बिसाडा गांव में मोहम्मद अखलाक को इस अफवाह के बाद जुनूनी हिंदुओं की भीड़ ने पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया कि उसके घर में गोमांस पका हुआ है| अखलाक के घर गोमांस होने की अफवाह गांव के मंदिर के लाउडस्पीकर से फैलाई गई थी| मृतक के परिवार का आरोप है कि गोमांस पकाने के आरोप झूठे हैं. इलाके में अशांति फैलाने के लिए कुछ लोगों ने झूठी अफवाह फैलाई|

पीड़ित परिवार ने बताया है कि गांव के एक मंदिर के लाउडस्पीकर से इस बात का एलान हुआ कि अखलाक के घर पर गाय काटकर उसका मांस पकाया गया है| इस पर भड़के दूसरे पक्ष के करीब 50 युवकों ने अखलाक के घर पर धावा बोल दिया| घर में जमकर तोड़ फोड़ की और घर से सदस्यों को बुरी तरह से पीटा| हमले में अखलाक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बेटे की हालत गंभीर है और उसका इलाज एक सरकारी अस्पताल में चल रहा है| उसकी भी हालत गंभीर बताई जा रही है| अखलाक की हत्या के आरोपों में पुलिस ने अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, बाकी आरोपियों की तलाश में जुटी हुई, लेकिन असामाजिक तत्वों ने इलाके की फिजा बिगाड़ दी है|