अनशन पर बैठकर किया चुनाव के बहिष्कार का ऐलान

लखीमपुर-खीरी। दादरी काण्ड में मृतक इखलाक के परिजनों को प्रदेश सरकार द्वारा 45 लाख का मुआवजा व दो सदस्यों को नौकरी दिये जाने पर बरेली मे शहीद हुए खीरी जिले के दरोगा मनोज मिश्र के परिजन बुधवार को अनशन पर बैठ गए। परिजनों सहित पूरे गांव नें आगामी 17 अक्टूबर को होने वाले तीसरे चरण के पंचायत चुनाव का पूर्ण बहिष्कार करने का ऐलान भी किया है। मृतक दरोगा के परिजनों की मांग है कि घटना की सीबीआई जांच करायी जाये, साथ ही पचास लाख का मुआवजा भी प्रदान किया जाये।

अनशन की सूचना पाकर मौके पर पहुचे क्षेत्राधिकारी सदर एमपी सिंह व एसडीएम सदर आलोक वर्मा ने उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन अनशन पर बैठे परिजनों का कहना है कि जब तक उन्हें पूर्ण रुप से न्याय नहीं मिल जाता तब तक उनका अनशन जारी रहेगा और वह आगामी पंचायत चुनाव का बहिष्कार भी करेंगे। उनकी इस बात का समर्थन करते हुए पूरे गांव ने चुनाव का बहिष्कार किये जाने का ऐलान किया है।

ड्यूटी पर हुयी थी दरोगा की हत्या

ज्ञात हो कि थाना खीरी के ग्राम हरदासपुर निवासी मनोज कुमार मिश्रा बरेली के थाना फरीदपुर में उपनिरीक्षक के पद पर तैनात थे। गत 09 सितम्बर की रात पशु तस्करों पर दबिश देने गए मनोज मिश्रा की पशु तस्करों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी जिसके बाद परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर मामले की सीबीआई जांच कराये जाने के साथ ही मनोज की पत्नी व बच्चों के भरण पोषण एवं शिक्षा के लिए पचास लाख रुपए के मुआवजे की मांग की थी। बाद में सीओ बरेली सतेन्द्र कुमार सिंह ने दरोगा के परिजनो को 20 लाख की सहायता राशि चेक प्रदान की थी। साथ ही खीरी के तत्कालीन एसपी अरविन्द सेन ने भी 51 हजार की नकद सहायता राशि प्रदान की थी।

लखीमपुर-खीरी से एसडी त्रिपाठी की रिपोर्ट