आज है सावन की शिवरात्री, शिव पूजन के अलावा इन चीजों के लिए होगा लाभकारी

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आज है सावन की शिवरात्री, शिव पूजन के अलावा इन चीजों के लिए होगा लाभकारी

लखनऊ। हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मास शिवरात्रि कहा जाता है और आज सावन की शिवरात्रि है जोकि बेहद खास है। सावन महीने में शिवरात्रि का खास महत्व होता है और आज का दिन इसलिए और भी खास है क्योंकि आज त्रयोदशी तिथि भी है। त्रियोदशी आज रात 10 बजकर 45 मिनट तक रहगी जिसके बाद चतुर्दशी तिथि लग जाएगी। मध्यरात्रि में चतुर्दशी तिथि होने की वजह से शिवरात्रि भी कल की मानी जाएगी। शिवरात्रि के दिन रात्रि जागरण और शिवजी की पूजा मोक्षदायिनी मानी जाती है।

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सावन माह में सबसे ज्यादा कांवड़ यात्रा देखने को मिलती है वहीं सभी शिव मंदिरों में भक्तों में लंबी कतार देखने को मिलती है। आइए जानते हैं सावन के इस अद्भुत संयोग के बारे में…

  • 9 तारीख को मास शिवरात्रि के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग भी बना है, जो इस दिन के महत्व को और भी बढ़ा रहा है।
  • इस योग के कारण कोई भी शुभ काम करना सफलतादायक होगा।
  • इस दिन चंद्रमा का संचार मध्यरात्रि में कर्क राशि में होगा।
  • इस समय शिवजी की पूजा से मानसिक बल बढ़ेगा।
  • कुंडली में चंद्रमा की स्थिति अच्छी होगी।
  • सावन शिवरात्रि के दिन गुरु पुष्य योग भी बन रहा है। इस योग को सुख समृद्धि कारक माना जाता है। इस शुभ योग में आप सोना, वाहन, घर खरीद सकते हैं। कोई नया काम शुरू करना भी शुभ रहेगा।

ऐसे करें सावन शिवरात्रि की पूजा

  • सावन में एक ही दिन जब इतने खास योग बन रहे हों तब आप सुबह उठकर स्नानादि कार्यों से निवृत होकर शिवजी की पूजा करें।
  • शिवरात्रि शिव और शक्ति के मिलन का दिन है इसलिए इसदिन शिवजी के साथ माता पार्वती की भी पूजा करनी चाहिए।
  • पूजा में शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, भांग और फूल चढ़ाएं।
  • कच्चा धागा लेकर शिव पार्वती के चारों ओर लपेटें और ओम नम: शिवाय मंत्र का जप करते रहें।

तीसरे सोमवार का है खास महत्त्व

  • सावन शिवरात्रि के बाद तीसरे सोमवार यानी 13 अगस्त को भी खास दिन है।
  • चारों सोमवार में तीसरा सोमवार सबसे महत्वपूर्ण है।
  • इस दिन महान शिव योग के साथ पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र है।
  • इस दिन मधुस्रावणी पर्व भी है, जिसे सौभाग्य कारक माना गया है।
  • इन दिन भी पूजा करने से भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न होते हैं।
लखनऊ। हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मास शिवरात्रि कहा जाता है और आज सावन की शिवरात्रि है जोकि बेहद खास है। सावन महीने में शिवरात्रि का खास महत्व होता है और आज का दिन इसलिए और भी खास है क्योंकि आज त्रयोदशी तिथि भी है। त्रियोदशी आज रात 10 बजकर 45 मिनट तक रहगी जिसके बाद चतुर्दशी तिथि लग जाएगी। मध्यरात्रि में चतुर्दशी तिथि होने की वजह से शिवरात्रि भी कल की मानी जाएगी। शिवरात्रि के दिन रात्रि जागरण और शिवजी की पूजा मोक्षदायिनी मानी जाती है।सावन माह में सबसे ज्यादा कांवड़ यात्रा देखने को मिलती है वहीं सभी शिव मंदिरों में भक्तों में लंबी कतार देखने को मिलती है। आइए जानते हैं सावन के इस अद्भुत संयोग के बारे में…
  • 9 तारीख को मास शिवरात्रि के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग भी बना है, जो इस दिन के महत्व को और भी बढ़ा रहा है।
  • इस योग के कारण कोई भी शुभ काम करना सफलतादायक होगा।
  • इस दिन चंद्रमा का संचार मध्यरात्रि में कर्क राशि में होगा।
  • इस समय शिवजी की पूजा से मानसिक बल बढ़ेगा।
  • कुंडली में चंद्रमा की स्थिति अच्छी होगी।
  • सावन शिवरात्रि के दिन गुरु पुष्य योग भी बन रहा है। इस योग को सुख समृद्धि कारक माना जाता है। इस शुभ योग में आप सोना, वाहन, घर खरीद सकते हैं। कोई नया काम शुरू करना भी शुभ रहेगा।
ऐसे करें सावन शिवरात्रि की पूजा
  • सावन में एक ही दिन जब इतने खास योग बन रहे हों तब आप सुबह उठकर स्नानादि कार्यों से निवृत होकर शिवजी की पूजा करें।
  • शिवरात्रि शिव और शक्ति के मिलन का दिन है इसलिए इसदिन शिवजी के साथ माता पार्वती की भी पूजा करनी चाहिए।
  • पूजा में शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, भांग और फूल चढ़ाएं।
  • कच्चा धागा लेकर शिव पार्वती के चारों ओर लपेटें और ओम नम: शिवाय मंत्र का जप करते रहें।
तीसरे सोमवार का है खास महत्त्व
  • सावन शिवरात्रि के बाद तीसरे सोमवार यानी 13 अगस्त को भी खास दिन है।
  • चारों सोमवार में तीसरा सोमवार सबसे महत्वपूर्ण है।
  • इस दिन महान शिव योग के साथ पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र है।
  • इस दिन मधुस्रावणी पर्व भी है, जिसे सौभाग्य कारक माना गया है।
  • इन दिन भी पूजा करने से भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न होते हैं।