आरक्षित वर्ग के टीईटी पास अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी

इलाहाबाद| इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश के सीनियर बेसिक स्कूलों में गणित व विज्ञान विषय के 29,334 सहायक अध्यापकों की भर्ती में आरक्षित वर्ग के टीईटी पास अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए आदेश दिया है कि आरक्षित वर्ग के जिन अभ्यर्थियों ने टीईटी में 82 अंक प्राप्त किये है, वे भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए अर्ह है। इसी के साथ हाईकोर्ट ने 17 जून 2015 को जारी प्रदेश सरकार के शासनादेश को सही मानते हुए भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया है।

यह आदेश मुख्य न्यायाधीश डॉ. डी.वाई. चन्द्रचूड़ तथा न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खण्डपीठ ने विमल प्रताप व अन्य की अपीलों पर दिया है। मालूम हो कि उ.प्र. बेसिक शिक्षा परिषद ने एक जुलाई 2013 को 29,334 गणित, विज्ञान सहायक अध्यापकों की भर्ती का विज्ञापन निकाला। जिसमें एनसीटीई की गाइड लाइन के तहत टीईटी में 60 फीसदी अंक सामान्य वर्ग व 55 फीसदी अंक आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए पाना अनिवार्य था। टीईटी में 90 अंक सामान्य वर्ग व 82.5 अंक पाने वाले आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को इस टीचर भर्ती के योग्य माना गया।

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सीबीएसई बोर्ड ने केन्द्रीय टीईटी परीक्षा करायी जिसमें आरक्षित वर्ग का पासिंग मार्क 82 अंक रखा गया इसी को एनसीटीई ने उत्तर प्रदेश में भी लागू किया। जिसके तहत बोर्ड ने अभ्यर्थियों को अनुमति दी। शासनादेश व अधिसूचनाओं को लेकर दाखिल याचिकाओं में पारित आदेश के चलते असंमजस बना रहा तो कोर्ट ने इस मुद्दे का हल निकालने के लिए सभी मामलों की सुनवाई की। कोर्ट ने अन्तरिम आदेश रद्द कर दिया और कहा कि इसमें सरकार व अभ्यर्थियों की गलती नहीं है।

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