आरटीआई का जवाब देने हुए रखे इन तीन ‘T’ का विशेष ध्यान: मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगे जा रहे जवाबों को देने में सरकारी विभागों द्वारा बरती जा रही ढिलाई को लेकर टिप्पणी की है। मोदी ने कहा है कि आरटीआई आवेदकों को जवाब देते हुए सरकारी विभागों को तीन ‘T’ का विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होने तीनों T की व्याख्या करते हुए कहा कि अगर सरकारी विभाग टाईमलीनेस (समयबद्धता), ट्रांसपेरेंसी (पारदर्शिता) और ट्रबल-फ्री अप्रोच (सरल पद्धति) को ध्यान में रखते हुए आरटीआई का जवाब दे तो शासन में गलतियों को कम करने में खासा मदद मिलेगी। 

प्रधानमंत्री शुक्रवार को केंद्रीय सूचना आयोग की 10वीं वर्षगाठ के अवसर पर आयोजित समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि शासन में और ज्यादा खुलापन होने से नागरिकों को मदद मिलेगी क्योंकि आज के दौर में गोपनीयता की कोई जरूरत नहीं है। उन्होने कहा कि आरटीआई के जवाब समयबद्ध, पारदर्शी और सरल पद्धति वाले होने चाहिए। इससे गलतियों की आशंका कम करने में मदद मिलेगी।

PM मोदी ने कहा कि सूचना का अधिकार सिर्फ जानने के अधिकार के बारे में नहीं है, यह सवाल पूछने के अधिकार के बारे में भी है क्योंकि इससे लोकतंत्र में विश्वास बढ़ेगा। उन्होने कहा कि लोगों के पास सरकार से सवाल पूछने का अधिकार होना चाहिए। यह लोकतंत्र की नींव है, इससे लोकतंत्र में विश्वास बढ़ेगा। जब चीजें ऑनलाइन हो जाती हैं तो पारदर्शिता स्वत: ही बढ़ जाती है। विश्वास भी बढ़ता है।

आपको बता दें कि अरूणा रॉय समेत प्रमुख आरटीआई कार्यकर्ताओं ने इस समारोह का बहिष्कार किया था क्योंकि अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कुछ ही कार्यकर्ताओं को इसमें आमंत्रित किया था।

 

Loading...