इंजीनियर के ठिकानों पर विजिलेंस का छापा, सोना-चांदी देख उड़े अधिकारियों के होश

लखनऊ| आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर और लखनऊ में छापेमारी करके बिजली विभाग के अधिशाषी अभियंता आरपी सिंह के घर से करीब 50 तोला सोना, डेढ़ किलो ग्राम चांदी और कई संपत्तियों के दस्तावेज बरामद किए। इस दौरान विजिलेंस को अधिशाषी अभियंता के कई बैंक खातों के बारे में भी जानकारी मिली है।

बिजली विभाग के अधिशाषी अभियंता आरपी सिंह के खिलाफ कई माह से आय से अधिक संपति के मामले को लेकर विजिलेंस जांच चल रही थी। विजिलेंस की टीम ने मंगलवार को मेरठ के मंगल पांडेय रोड स्थित आवास, मुजफ्फरनगर और लखनऊ से डालीबाग स्थित हाइडिल कालोनी के सरकारी आवास पर छापामारी की। इस दौरान विजिलेंस को आरपी सिंह के घर से 40-50 तोला सोना, डेढ़ किलोग्राम चांदी और कई संपत्तियों के दस्तावेज मिले। बुधवार को विजिलेंस की टीम अधिशाषी अभियंता के बैंक खातों को खंगाल कर उसमें जमा रकम के बारे में जानकारी करेगी।

सूत्रों की माने तो उनका कहना है कि आरपी सिंह के मेरठ आवास पर विजिलेंस कार्रवाई के दौरान अफसरों ने चम्मच से लेकर जेवरात तक की सूची बनाई। इस सूची में बर्तनों, बिस्तर और चादरों तक को शामिल किया गया। यही नहीं, घर की पानी की टंकी और पीछे पड़े खाली स्थान को भी खंगाला गया। करीब तीन घंटे के सर्च अभियान के दौरान परिवार के सदस्यों को घर में ही नजरबंद कर दिया गया। यहां मिले सोने को तौलाने के लिए सुनार तक बुलाना पड़ा।

मंगलवार सुबह अधिशासी अभियंता के मंगलपांडे नगर स्थित आवास पर पहुंचते ही विजिलेंस अफसरों ने अभियंता और उनके परिवार के सदस्यों को उठने तक की अनुमति नहीं दी। वहीं, किसी बाहरी व्यक्ति के भी घर में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी। टीम में शामिल अफसरों ने ग्राउंड फ्लोर और प्रथम तल पर बने कमरों में छानबीन की। सोने एवं चांदी के जेवरातों के अलावा फर्नीचर और बिस्तरों की संख्या के अलावा कीमती सामान को नोट किया गया। किचन में पहुंचकर एक-एक बर्तन की लिस्ट बनाते हुए उसके मूल्य का आंकलन किया।

विजिलेंस टीम के मुताबिक, आरपी सिंह पर कोर्ट ने 2005 में आय से अधिक सम्पति अर्जित करने का मुकदमा किया था, जिस पर लखनऊ से विजिलेंस ने सर्च किया है। अधिकारियों ने ज्वेलरी से लेकर सभी सामान की सूची बनाई गई है। वहीं आरपी सिंह का कहना है कि मैं चोर नहीं हूं। आरक्षण की आवाज उठाने पर यूपी सरकार उत्पीड़न कर रही है।

आपको बता दें कि आरपी सिंह अभी हाल ही में रिवर्ट किये गए थे| आरपी सिंह कुछ दिनों पहले तक अधीक्षण अभियंता थे। अदालत के आदेश से रिवर्ट होने वालों में उनका भी नाम शामिल था इसलिए उन्हें अधिशासी अभियंता बना दिया गया था और आगरा में तैनाती दी गई थी। हालांकि, उन्होंने अभी आगरा में जॉइन नहीं किया है। आरपी सिंह कुछ अरसा पहले शुरू हुए आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष भी हैं। विजिलेंस को इस समिति से संबंधित कई दस्तावेज भी मिले हैं।

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