इंजीनियर बनने के बाद देश मत भूल जाना : केजरीवाल

नई दिल्ली: आने वाले अगले चार साल आपकी पूरी जिंदगी की नींव रखने वाले हैं। जिस भी इंजीनियरिंग कॉलेज में जाना, वहां केवल किताबी कीड़ा बनकर मत रहना, केवल नंबरों के पीछे मत भागना। सांस्कृतिक कार्यक्रमों व खेल कूद प्रतिस्पर्धा में भी खूब भाग लेना। वहां से आपका अच्छा व्यक्तित्व निकलकर सामने आना चाहिए। दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़कर जेईई (मेन्स) परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले 372 बच्चों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ये बात कही।

त्यागराज स्टेडियम में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में केजरीवाल ने कहा कि हमें आप सब पर गर्व है। आप सबको बधाई। आप सबको आशीर्वाद। आपके पेरेंट्स, टीर्चस और शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों- कर्मचारियों को बधाई, जिनकी मेहनत की बदौलत ये संभव हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले लोग अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में नहीं पढ़ाना चाहते थे, लेकिन पिछले दो साल के भीतर दिल्ली के सरकारी स्कूलों में जो शिक्षा क्रांति हुई है, जो मेहनत हुई है, आप जैसे बच्चे उसी का परिणाम है।




सरकारी स्कूल के बच्चों में आत्मविास पैदा हुआ है कि हम किसी से कम नहीं हैं। हम भी कर सकते हैं। आपने जेईई (मेंस) उत्तीर्ण किया है और आप आने वाले बच्चों के लिए मिसाल बन रहे हैं। जब इंजीनियर बनकर निकलो, तब इस देश को मत भूल जाना। अपनी कमाई का थोड़ा सा पैसा और अपनी जिंदगी का थोड़ा सा हिस्सा, इस देश के नाम लगा देना, जैसे आप लोगों को इस देश ने पढ़ाया, वैसे आप लोगों की कमाई से दूसरे बच्चे भी पढ़ें और ये देश आगे बढ़ता रहे।





उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इन बच्चों को संबोधित करते हुए कहा, आप सब लोग हमारे ब्रांड एंबेसडर हैं। आप जहां भी जाओगे दिल्ली के सरकारी स्कूलों को झंडे गाड़ रहे होगे। उन्होंने ये भी कहा कि आप जिन स्कूलों से पढ़कर निकले हैं, वहां और भी होनहार बच्चे हैं। दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों में होनहार बच्चे हैं। उनके करियर को संवारने के लिए, उनके करियर को पंख लगाने के लिए आगे आएं। आप हमें इनपुट दें कि 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं के बच्चों के आगे के करियर को संवारने के लिए सरकार को क्या-क्या करना चाहिए