इंसानियत की मिसाल, पगड़ी उतार सिख युवकों ने बचाई बच्चों की जान

ये फोटो प्रतीकात्मक है।

लुधियाना| पंजाब के संगरूर जिले के इंदरपाल और कमलप्रीत सिंह ने एक ऎसा कारनामा कर दिया जिसको लेकर चहुँओर चर्चा हो रही है| इन दोनों ने अपने गांव में गणेश प्रतिमा का विसर्जन करने जा रहे आठ लडकों को डूबने से बचाया और इसके लिए जरूरत पडने पर अपनी पगडी भी उतार दी। इंदर और कमल के गांव के लडके गांव के नजदीक ही प्रतिमा विसर्जित करने जा रहे थे, जहां उनके डूबने की नौबत आ गई थी। इंदर और कमल के इस बहादुरी भरे कारनामे को सोशल मीडिया पर खूब सराहना मिली|

बताया जा रहा है कि यहां के सुलार घाट पर कुछ लोगों के साथ लडके गणपति विसर्जन को आए थे। वे चारों पानी में उतरकर प्रतिमा विसर्जित कर रहे थे। उसी दौरान अचानक पानी बढ गया और लडके डूबने लगे। वहां नहर के किनारे बैठ कर प्रतिमा विसर्जन देख रहे इंद्रपाल सिंह ने उनके चीखने की आवाज सुनी। उन्होंने तुरंत अपनी पगडी खोल कर पानी में फेंक दिया। इसे पकडकर लडके बाहर आ गए। इंद्र का कहना है कि मेरे पास सोचने का वक्त नहीं था। मैंने तुरंत अपनी पग़डी उतारी और पानी में डूब रहे बच्चों की ओर फेंक दिया।

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उसी किनारे पर बैठे कंवलजीत सिंह ने भी यही किया। उसने भी अपनी पगडी खोल कर पानी में फेंक दी जो ल़डकों के लिए सहारा बनी। कवंलजीत ने कहा, पहले मैं नहर में कूद कर उन्हें बचाने की सोच रहा था। लेकिन मुझे तैरना नहीं आता। इसलिए मैंने अपनी पग़डी उतार दी और बच्चों को बचाने के लिए उसे पानी में फेंक दिया। पानी से बाहर निकलने के बाद डूब रहे लडकों ने दोनों व्यक्तियों का शुक्रिया अदा किया।

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