इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जौहर विवि की सड़क के लिए मकान ढहाने पर रोक लगाई

लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जौहर विवि की सड़क के लिए मकान  ढहाने पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने रामपुर के आलियागंज व सिंगनखेड़ा गांव में सड़क चौड़ीकरण के लिए मकानों की गिराने की कार्यवाही पर रोक लगते हुए सरकार के अधिवक्ता को अवमानना याचिका की प्रति दिलाते हुए 15 अक्टूबर तक जानकारी मांगी है।

यह आदेश न्यायमूर्ति रणविजय सिंह ने मेहराज व छह अन्य की अवमानना याचिका पर अधिवक्ता प्रमोद सिन्हा को सुनकर दिया है। याची का कहना है कि डीएम रामपुर राकेश कुमार कुमार सिंह और अन्य अधिकारियों ने कोर्ट के आदेश की अवहेलना करते हुए सड़क चौड़ीकरण के आदेश दिए हैं जबकि कोर्ट ने कहा है कि कानूनी प्रक्रिया के तहत ही ध्वस्तीकरण किया जाए।

याची का कहना है कि जौहर विश्वविद्यालय से स्पोर्ट्स सिटी तक 6 मीटर चौड़ी रोड को चौड़ा कर 26 मीटर किया जा रहा है। सड़क आबादी क्षेत्र में है इसके किनारे बस्ती व मकान है। ध्वस्तीकरण के लिए प्रशासन ने कई मकानो का चिन्हीकरण किया है। जिला प्रशासन बिना वैधानिक प्रक्रिया अपनाये लोगों के मकान गिराने की तैयारी कर रहा है।

क्या कहता है नियम:

रोड साइड लैंड कंट्रोल एक्ट 1945 के मुताबिक़ किसी भी सड़क के बीच के दोनों ओर 220 फ़ीट तक निर्माण पर रोक है। इस एक्ट के तहत प्रदेश में सड़कों के लिए चौड़ीकरण की नीति अपनाई जाती है।