इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपीपीएससी के अध्यक्ष अनिल यादव को हटाया, यूपी सरकार को झटका

लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को यूपी सरकार को जबर्दस्त झटका देते हुए यूपी लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के अध्यक्ष अनिल यादव की नियुक्ति को अवैध करार देते हुए उन्हें हटाने का आदेश जारी कर दिया है। अदालत ने यूपीपीएससी में अनिल यादव की नियुक्ति को अवैध करार देते हुए यूपी सरकार को भी लताड़ लगाई है। यह फैसला यूपी के सीनियर आईएएस सूर्य प्रताप सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।

मिली जानकारी के मुताबिक अदालत ने अनिल यादव की फर्जी डिग्रियों, आपराधिक इतिहास और उनके कार्यकाल के दौरान यूपीपीएससी में सामने आई अनियमितताओं को देखते हुए उनकी नियुक्ति को अवैध करार दिया। मुख्य न्यायाधीश डी॰ वाई॰ चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि अनिल यादव यूपीपीएससी के अध्यक्ष बनाए जाने के लिए योग्य व्यक्ति नहीं हैं। अनिल यादव को राज्य सेवा आयोग के अध्यक्ष पद के लिए एक आपराधिक रिकार्ड वाले व्यक्ति को नियुक्त करना बेहद निंदनीय है। इसके साथ ही अदालत ने उम्मीद जताई है कि प्रदेश सरकार भविष्य में इस प्रकार की किसी भी नियुक्ति को लेकर पूरी गंभीरता बरतेगी।

वहीं माना जा रहा है कि इस मामले में हाईकोर्ट कई अन्य बडे़ फैसले भी सुना सकती है। कहा जा रहा है कि याचिका कर्ता की मांग है कि अनिल यादव के कार्यकाल के दौरान यूपीपीएससी के द्वारा की गई तमाम भर्तियों की भी जांच करवाई जाए और फर्जी तरीके से अंजाम दी गई तमाम भर्तियां निरस्त की जाएं।    

आपको बता दें कि यूपीपीएससी के अध्यक्ष अनिल यादव को लेकर प्रदेश स्तर पर कई बड़े आन्दोलन चल रहे थे। अनिल यादव पर जाति विशेष के अभ्यार्थियों को विशेष तहरीज देने और भर्तियों के लिए भ्रष्टाचार करने के आरोप हैं। इसके साथ ही इसी साल यूपीपीएससी की परीक्षा का प्रथम प्रश्नपत्र लीक होने के बाद से यूपी सरकार पर अनिल यादव के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर दबाव बनाय जा रहा था, लेकिन यूपी सरकार तमाम दलीलों और औपचारिक जांचों की घोषणा मात्र करके अपने चहेते अनिल यादव को बचाती आई।