उन्नाव सोना लूटकांड: एसटीएफ ने तीन लुटेरों को दबोचा, अन्य की तलाश जारी

लखनऊ। यूपी के उन्नाव में बीते 28 अगस्त को हुए सोना लूटकांड का एसटीएफ ने पर्दाफाश कर दिया है। एसटीएफ ने इस मामले में 11 आरोपियों में से तीन को अरेस्ट किया है, जबकि मामले के मुख्य साजिशकर्ता अभी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। आरोपियों के पास से करीब 21.50 लाख कीमत के 660 ग्राम सोने के जेवरात बरामद हुए हैं। एसटीएफ लूटकांड में इस्तेमाल की गयी बोलेरो गाडी भी बरामद कर ली है। एसटीएफ के मुताबिक़ इस गिरोह के तार हरियाणा से भी जुड़े हुए हैं, कई टीमें अन्य बदमाशों की तलाश में छापेमारी कर रही हैं।

एडीजी एलओ दलजीत सिंह चौधरी ने बताया कि इस वारदात को अंजाम देने के लिए शातिरों ने कुछ तकनीकी गलतियां कर दी, जिन्हे ढाल बनाकर एफटीएफ ने बदमाशों को ट्रेस कर लिया। फरार अन्य बदमाशों को जल्द ही अरेस्ट कर लिया जाएगा। पकड़े गए बदमाशों की शिनाख्त लखनऊ के खरगापुर निवासी जीवन कुमार, अमौसी के हाइडिल कालोनी निवासी अमित सिंह व बाजारखाला के ऐशबाग निवासी मधुकर पाण्डेय के रूप में हुई है।

एसएसपी एसटीएफ अमित पाठक के मुताबिक़ अमित सिंह ने अनिल पटेल और सूरज नामक अपराधी के साथ इस लूट की साजिश रची। अनिल पटेल भी हाईडिल कॉलोनी का रहने वाला है। एसटीएफ ने कानपुर से लखनऊ के बीच की सीसीटीवी फुटेज, कूरियर वैन की फुटेज व अन्य स्थानों से मिली करीब 300 घंटे की रिकाॅर्डिंग खंगाली। फुटेज से मिली लुटेरों व उनकी गाड़ियों की धुंधली फोटो को मुंबई में अल्ट्रा स्लो मोशन साफ्टवेयर के जरिए साफ कराया, लुटेरों के फोटो तैयार कराए, लूटी गई जूलरी के फोटो जुटाए।

इसके बाद इन सभी फोटो को टैक्सी चालकों, बुलियन व ऑल इंडिया जूलर्स के वॉट्स ऐप ग्रुप में भेजा। उन्हीं में से एक टैक्सी चालक से मधुकर पाण्डेय के बारे में सुराग मिला। मधुकर पाण्डेय के जरिए पुलिस ने बाकी दो को गिरफ्तार किया। मधुकर वाहन चोरी के आरोप में जेल जा चुका है।

बता दें कि बीते 28 अगस्त को कानपुर से सोना लेकर लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट जा रही सिक्योरिटी वैन के चालक व गार्ड को गोली मारकर 7.19 किलोग्राम सोना लूट लिया गया था। वारदात को सफेद बोलेरो सवार बदमाशों ने अंजाम दिया था। इस वारदात में चालक की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि गार्ड घायल हो गया था। सिक्योरिटी वैन सुबह झांसी में सोना देकर देर शाम वापस कानपुर लौटी थी, जहां से वह लखनऊ आ रही थी।