कृषि भूमि पर बंगला बनवाने पर घिरीं मायावती, कोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब

इलाहाबाद। यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री व बसपा सुप्रीमो मायावती की मुश्किलें आने वाले दिनों में बढ़ सकती हैं। मायावती, उनके पिता और भाई के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की गई है। आरोप है कि मायावती ने अपने गांव में स्थित कृषि भूमि को सांठगांठ कर आबादी की भूमि घोषित करवा लिया और उस पर बंगला बनवाया है। इस पर कोर्ट ने उप्र सरकार और नोएडा अथॉरिटी से तीन हफ्ते में जवाब मांगा है।

याचिका में कहा गया है कि अफसरों की मिलीभगत से 2006 में कृषि की जमीन को आबादी में परिवर्तित किया गया। इसके लिए नियमों को दरकिनार किया गया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मायावती ने नोएडा स्थित अपने पैतृक गांव बादलपुर में कृषि भूमि को तत्कालीन एसडीएम दादरी घनश्याम दास और तहसीलदार कन्हई सिंह यादव से मिलकर आबादी की जमीन घोषित करा लिया। इस भूमि पर करीब 1.32130 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बंगला बनाया गया है। इस पूरी कार्यवाही की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई है।

याचिका में पूर्व मुख्यमंत्री के अलावा उनके पिता प्रभूदयाल, भाई आनंद कुमार के अलावा करतार सिंह नागर, भीम सिंह, भारत भूषण निदेशक मेसर्स कस्टमाइज्ड कॉल सेंटर सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, दीपक बंसल इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड, तत्कालीन एसडीएम दादरी घनश्याम दास, तत्कालीन तहसीलदार कन्हई सिंह यादव को भी पक्षकार बनाया गया है।

मामला वर्ष 2006 का है उस समय मायावती प्रदेश की मुख्यमंत्री थीं और उनके दबाव में राजस्व अधिकारियों ने अपने अधिकार का दुरुपयोग कर भूमि उपयोग में परिवर्तन कर दिया।

Loading...