कैबिनेट की बैठक में लिया गया बड़ा फैसला, यशभारती व पद्म सम्मानितों को 50 हजार पेंशन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में प्रतिभाओं और खिलाड़ियों को सम्मान स्वरूप कई बड़े फैसले किए गए हैं। कैबिनेट ने जहां यशभारती व पद्म से सम्मानित प्रतिभाओं को 50 हजार रुपए मासिक पेंशन देने का निर्णय लिया वहीं अंतरराष्ट्रीय खेलों में पदक हासिल करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में राजपत्रित अधिकारी बनाने का फैसला किया गया है।

कैबिनेट में पारित प्रस्ताव के अनुसार ऐसे महानुभाव, जिनकी जन्मभूमि-कर्मभूमि यूपी रही है और जिन्हें राज्य सरकार द्वारा स्थापित यश भारती सम्मान व भारत सरकार द्वारा स्थापित पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, इस नियमावली के तहत पेंशन प्राप्त करने के लिए पात्र होंगे। नियमावली में संशोधन के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है। यश भारती व पद्म पुरस्कार पाने वाले लोगों को 50 हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन दी जाएगी ताकि वे अपना जीवन बेहतरी के साथ गुजार सकें। सपा सुप्रीमों मुलायम सिंह यादव ने अपने मुख्यमंत्रित्वकाल में खेल, कला, संस्कृति और साहित्य से जुड़ी हस्तियों के लिए यश भारती पुरस्कार शुरू किया था। पहले इसमें एक लाख रुपए नगद, शाल, प्रशस्तिपत्र दिया जाता था, लेकिन अब नगद राशि बढ़ाकर पांच लाख रुपए कर दी गई है।

उधर, अंतरराष्ट्रीय खेलों ओलंपिक, विश्व कप, विश्व चैंपियनशिप जो 4 वर्ष के अंतराल पर आयोजित होने वाली हो तथा एशियन गेंस एवं कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक विजेताओं को राजपत्रित पदों पर सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्ति प्रदान किए जाने के संबंध में नीति को मंजूरी प्रदान कर दी गई है। यह नीति अंतरराष्ट्रीय खेलों में प्रदेश के निवासियों के प्रतिभाग करने, मनोबल बढ़ाने व प्रदेश में खेल के विकास के उद्देश्य से बनाई गई है। इस नीति को अंतरराष्ट्रीय खेलों में यूपी के मूल निवासी के पदक विजेताओं को प्रदेश में राजपत्रित पदों पर सीधी भर्ती नीति वर्ष 2015 कहा जाएगा। इसके तहत विभिन्न विभागों के 49 पदों को चिन्हित किया गया है, जिनका वेतनमान 15,600-39,100 ग्रेड पे 5,400 रुपए से लेकर 9,300-34,800 ग्रेड पे 4,200 है। रिक्तियों की अवधारणा संगत चयन वर्ष के आधार पर की जाएगी। चयन वर्ष 1 जुलाई से आगामी 30 जून की अवधि का होता है।

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