क्या सच में 15 दिनों के लिए अंधेरे में डूब जाएगी हमारी धरती

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वॉशिंगटन। आजकल इस बात की खूब चर्चा हो रही है कि इस वर्ष नवम्बर में 15 दिनों के लिए हमारी धरती अंधेरे में डूब जाएगी। इस खबर को लेकर यह भी दावा किया जा रहा है कि अमेरिका के अंतरिक्ष संगठन ‘‘नासा’ ने इस संभावित घटना की पुष्टि की है और यह दावा भी किया जा रहा है कि इस तरह की घटना दस लाख वर्ष के बाद होती है। इसका अर्थ है कि दुनिया के सभी जीवित प्राणियों के लिए संभवत: ऐसा पहली और अंतिम बार होगा।

नासा की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, यह एक हजार पन्नों की रिपोर्ट नासा ने व्हाइट हाउस के लिए तैयार की थी। इसके अनुसार रविवार 15 नबम्वर, 2015 के दोपहर 3 बजे से लेकर सोमवार 30 नबम्वर, 2015 के 4.15 मिनट तक पूरी तरह अंधेरा रहेगा। इस घटना को ‘‘एस्टॉनोमिकल ईयर’ या ‘‘नवम्बर ब्लैक आउट’ के नाम से भी बताया जाता है। इस घटना के साथ यह दावा भी किया जा रहा है कि अंतरिक्ष में शुक्र ग्रह और बृहस्पति के कारण ऐसा होता है और अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की पूरी टीम इस घटना पर गहन अध्ययन कर रही है, लेकिन एक वेबसाइट पर इस आशय का भी दावा किया जा रहा है कि सितम्बर में हुए चंद्रग्रहण के बाद नासा ने खुद ही इस खबर का खंडन किया है।

एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए नासा ने दावा किया है कि उसकी ओर से ऐसी कोई सूचना जारी नहीं की गई है। हालांकि जिस वेबसाइट ‘‘न्यूजवॉच 33 डॉट कॉम’ में इस आशय का समाचार दिया गया है, का दावा है कि नासा ने इस घटना की पुष्टि की है। इसके एक समाचार में यह दावा भी किया गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से इस घटना की जानकारी संबंधी विवरण जुटाने वाले वैज्ञानिक दल के नेता, चार्ल्स बोल्डन ने ओबामा प्रशासन के साथ इस संभावित घटना के बड़े प्रभावों को लेकर बात की है।

 वॉशिंगटन। आजकल इस बात की खूब चर्चा हो रही है कि इस वर्ष नवम्बर में 15 दिनों के लिए हमारी धरती अंधेरे में डूब जाएगी। इस खबर को लेकर यह भी दावा किया जा रहा है कि अमेरिका के अंतरिक्ष संगठन ‘‘नासा’ ने इस संभावित घटना की पुष्टि की है और यह दावा भी किया जा रहा है कि इस तरह की घटना दस लाख वर्ष के बाद होती है। इसका अर्थ है कि दुनिया के सभी जीवित प्राणियों के…