खुद को मुख्यमंत्री का रिश्तेदार बताकर रेलवे के डिप्टी एसएस पर तानी पिस्तौल   

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के कार्यकाल में बढ़ते अपराधों के बीच ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जिसमें पुलिसकर्मियों ने अपनी ही खाकी को दागदार किया हैं। इस बार एक ऐसा मामला सामने आया है जहां खुद को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का रिश्तेदार बताकर कथित रूप से पुलिस उपनिरीक्षक ने  झांसी रेलवे स्टेशन के डिप्टी एसएस को धमकाया बल्कि उनपर पिस्तौल भी तान दी। बाद में मामला बढ़ता देख वह वहाँ से भाग निकला।

मिली जानकारी के अनुसार, उत्तर मध्य रेलवे के झांसी स्टेशन पर बने वीआईपी रूम में एक व्यक्ति सोफ़े पर लेता हुआ था। डिप्टी एसएस को जब इसकी सूचना मिली तो उन्होने वीआईपी रूम में जाकर व्यक्ति को ऐसा करने से रोका, लेकिन व्यक्ति को यह बात नागवार गुजरी। युवक ने स्वयं को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का रिश्तेदार बताकर रौब झाड़ते हुए अधिकारी के साथ गाली-गलौज करते हुए अभद्रता शुरू कर दी। शोर-शराबा सुनते ही अन्य कर्मचारी भी वीआईपी रूम में पहुंच गए। 

आरोप है कि जब युवक को गालियां देने से मना किया गया तो उसने अपनी रिवॉल्वर तानते हुए डिप्टी एसएस से कहा कि वह यहां से भाग जाएं, नहीं तो वह गोली मार देगा। यह सुनते ही डिप्टी एसएस घबरा गए और उन्होंने इसकी सूचना जीआरपी और आरपीएफ को दी। पीड़ित अधिकारी ने बताया कि युवक ने अपना नाम सुभाष यादव बताते हुए कहा कि वह उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में उपनिरीक्षक पद पर तैनात है और उसके साथ जो व्यक्ति है, वह सिपाही है।

इस मामले में आरपीएफ पोस्ट प्रभारी ने बताया कि सूचना पर जब आरपीएफ के जवान मौके पर पहुंचे तो वह वहां से भाग चुका था। उसकी काफी तलाश की गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। 

आपको बता दें कि व्यवस्था है कि स्टेशन पर बने वीआईपी रूम में विशिष्ट अतिथि रुककर ट्रेन का इंतजार कर सकते हैं। लेकिन अन्य लोग भी वीआईपी रूम में जाकर बैठ जाते हैं। ताजा मामले में दो युवक वीआईपी रूम में जाकर बैठ गए और थोड़ी देर में दोनों वहां पड़े सोफों पर लेटकर सोने लगे। जब इसकी जानकारी ड्यूटी पर तैनात कार्मिशयल विभाग के डिप्टी एसएस एके ठाकुर को मिली तो वीआईपी रूम में पहुंचकर उन्होंने उनसे पूछताछ की। इस पर युवक भड़क उठा। 

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