गंगा किनारे बसने लगा तम्बुओं का शहर

फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में पांचाल गंगा घाट पर एक महीने तक के लिए तम्बुओं का शहर बसना शुरू हो गया है। हालांकि चुनाव आचार संहिता के कारण इस प्रसिद्द राम नगरिया में विकास प्रदर्शनी के जरिये यूपी सरकार के विकास कार्यों की झलक नहीं दिखेगी पर चुनाव प्रचार का सबसे बड़ा स्थान राम नगरिया होगा। एक दर्जन विधान सभा क्षेत्रों के लगभग एक करोड़ लोग यहाँ धार्मिक और सामाजिक अनुष्ठानों के लिए आते-जाते रहते हैं। कल्पवासियों की राम नगरिया का धार्मिक, सामाजिक और एतिहासिक महत्व भी है।


(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});

लगभग 1. 5 किलोमीटर दायरे में बसने वाली राम नगरिया में तीन हजार से अधिक लाईट पॉइंट होंगे। पूरे क्षेत्र में बिजली लाइन डाले जाने का काम तेजी से चल रहा है। लोगों की सुविधा के लिए 1700 हैंडपंप लगाए जा रहे हैं। दो दर्जन सरकारी सस्ते गल्ले की दुकाने खुलेंगी जिनसे केरोसीन आदि उपलब्ध होगा। यहाँ राम नगरिया आयोजन समिति की ओर से 850 दुकाने लगेंगी। इटावा, मैनपुरी, बरेली, बदायूं और एटा जनपदों की दुकाने यहाँ लगती हैं।


(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});

पूरे आयोजन में पांच बड़े स्नान पर्व होंगे जिसमें पौष पूर्णिमा, मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, एकादशी, बसंत पंचमी और माघ पूर्णिमा शामिल हैं। मेला प्रबंधक संदीप दीक्षित ने बताया कि इस बार परिक्रमा मार्ग को पुआल आदि डालकर ऐसा बनाया जाएगा जिसपर वाहन लेकर आसानी से चला जा सकेगा। इस बार नोट बंदी के चलते मनोरंजन क्षेत्र के ठेके में 11 लाख का नुकसान हुआ है। पिछली साल यह ठेका 36. 50 लाख में उठा था पर इस बार यह ठेका बमुश्किल 25 लाख का उठ पाया है।