गाय तो जानवर है, वह कैसे हो सकती है इंसानों की माता: काटजू

वाराणसी। अपने विवादित बयानों को लेकर हमेशा मीडिया की सुर्खियों में रहने वाले न्यायमूर्ति मार्कन्डेय काटजू ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि गाय तो जानवर है, वह इंसानों की माता कैसे हो सकती है, यह फालतू बात हैं। उन्होने यह बयान गौतमबुद्ध नगर के दादरी क्षेत्र में अखलाक नामक बुजुर्ग की हत्या के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए दिया। वे शनिवार को एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वाराणसी पहुंचे थे। इस दौरान काटजू ने नेताओं पर भी जमकर गुस्सा निकाला।

मालूम हो कि दादरी में गोमांस खाने की अफवाह फैलाकर एक व्यक्ति मोहम्मद अखलाक की पीट-पीट कर कर कर दी गई थी। इसी मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए काटजू  ने कहा कि अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका, अरब, चीन, अस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे तमाम देशों के लोग बीफ खाते हैं तो क्या वहां प्रतिबंध लगा दिया गया है? न्यायमूर्ति ने कहा कि ये नेता लोग किसी की इच्छाओं को रोकने वाले कौन होते हैं। तर्क है कि गाय को माता कहा जाता है, आखिर कोई ये बताए कि एक जानवर इंसान की मां कैसे हो सकती है। भारत के अधिकांश नेता बदमाश और निकम्मे हैं। उन्हें फांसी दे देनी चाहिए।

काटजू ने आगे कहा कि गाय भी घोड़े और कुत्ते की तरह जानवर है। मैं उसे माता नहीं मानता। वह जानवर है, इंसान की माता कैसे हो सकती है। यह फालतू बात है। उन्होंने यह भी कहा कि मैं बीफ खाता हूं और खाता रहूंगा। देखता हूं, मुझे कौन रोकता है। दादरी जैसी घटनाएं राजनैतिक लोगों की शिकार हो जाती है। ऐसा ही हाल रहा तो देश में बहुत जल्द बगावत होगी।

न्यायमूर्ति ने कहा कि बेसहारा आदमी को पकड़कर मारने वाले लोगों को सजा होनी चाहिए। नेता वहां वोटबैंक की राजनीति कर रहे हैं। नेताओं ने देश को लूट लिया है, सबको फांसी होनी चाहिए।

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