गोरखपुर में 508 लाेगों ने शरीर पर मिट्टी लगा कर बनाया ये अनोखा रिकॉर्ड

नेचुरोपैथी डे
गोरखपुर में 508 लाेगों ने शरीर पर मिट्टी लगा कर बनाया ये अनोखा रिकॉर्ड

गोरखपुर। नेचुरोपैथी डे के मौके पर गोरखपुर के आरोग्य मंदिर में सोमवार को मिट्टी लेप का एशियन रिकार्ड टूट गया। अभी तक यह रिकॉर्ड दिल्ली के नाम था। प्रथम नेचुरोपैथी डे पर पिछले वर्ष दिल्ली ने 302 लोगों को मिट्टी लेप लगाकर एशियन रिकार्ड बनाया था। गोरखपुर के आरोग्य मंदिर में कुल 508 लोगों को सर्वांग मिट्टी लेप कर एक नया रिकॉर्ड बनाया गया। एशियन बुक आफ रिकॉर्ड के डायरेक्टर डॉ विश्वरूप राय चौधरी ने काउंटिंग कर इसकी घोषणा की। उन्होंने बताया कि आगामी 27 दिसंबर को प्रकाशित होने वाली 2020 की बुक में यह रिकॉर्ड प्रकाशित होगा।

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मिट्टी लेपन का रिकार्ड बनाने के लिए आरोग्य मंदिर में दूर-दूर से लोग आए हैं। इन्होंने आयोजन में काफी आनंद लिया। उनका उत्साह देखते ही बनता था। आरोग्य मंदिर के प्रमुख डा.विमल मोदी ने बताया कि सर्वांग मिट्टी लेपन का रिकार्ड पिछले साल दिल्ली में बनाया गया था। तब 302 लोगों ने एक साथ शरीर पर मिट्टी का लेप लगाया था। इंडिया बुक ऑफ द रिकार्ड की ओर से 340 की संख्या दी गई थी। आरोग्य मंदिर में कुल 508 लोगों ने मिट्टी लेपन कराकर पुराना रिकार्ड तोड़ दिया। इनमें 162 महिलाएं शामिल रहीं। रिकार्ड के पर्यवेक्षक के रूप में डा.विश्वस्वरूप रॉय चौधरी और वियतनाम से डॉ.जूलिया गोरखपुर पहुंची हैं। मिट्टी लेपन में शामिल लोगों ने इस आयोजन में काफी आनंद लिया। उनका उत्साह देखते ही बनता था।

सुबह से ही एशियन रिकार्ड तोड़ने के लिए आरोग्य मंदिर में स्कूली बच्चे, महिलाएं, पुरुष आरोग्य मंदिर में पहुचने लगे थे। पुरुष और महिलाओं के लिए मिट्टी लेप लगाने की अलग-अलग व्यवस्था की गई थी। कुल 160 महिलाओं ने मिट्टी लेप कराया। शेष पुरुष थे। पौने दो साल का बच्चा कनिष्क हरि ने भी यह रिकार्ड तोड़ने में अपनी सहभागिता निभाई।

डॉक्टर विश्वरूप राय चौधरी ने बताया कि यह रिकॉर्ड तोड़ने की तैयारी पिछले 2 अक्टूबर से ही चल रही थी। 10 नवंबर तक हर रविवार आरोग्य मंदिर में लोगों को नि:शुल्क मिट्टी लेप किया जाता था। 10 नवंबर से 18 नवंबर तक यह प्रक्रिया रोज कर दी गई और 18 नवंबर को दिल्ली का यह रिकॉर्ड गोरखपुर में तोड़ दिया। आरोग्य मंदिर के निदेशक डॉ विमल मोदी ने कहा कि हर व्यक्ति के सहयोग से ही यह रिकॉर्ड गोरखपुर के नाम हो पाया है।

मिट्टी से ठीक हो सकते हैं त्वचा के रोग
डा.विमल मोदी ने दावा किया कि मिट्टी से त्वचा के विभिन्न रोग आसानी से ठीक हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि मिट्टी में सब्जियों और अनाज के बीज लगाने पर ये चीजें उगती हैं। यह गुणकारी है। इसमें जीवन है। यह मिट्टी जब त्वचा पर लगती है तब सकारात्मक बैक्टीरिया त्वचा पर आकर सकारात्मक गुण पैदा करते हैं। बीमारी चली जाती है।

तीन फिट गहराई से ली जाती है मिट्टी
डा.मोदी ने बताया कि शरीर पर लेपन के लिए मिट्टी तीन फिट नीचे से ली जाती है। इस मिट्टी में कीड़ों और कीटनाशकों का प्रभाव नहीं रहता है। इसमें बालू कम होता है। मिट्टी चिकनी होती है। मिट्टी को रात भर भिगोकर सुबह लेपन किया जाता है।

गोरखपुर। नेचुरोपैथी डे के मौके पर गोरखपुर के आरोग्य मंदिर में सोमवार को मिट्टी लेप का एशियन रिकार्ड टूट गया। अभी तक यह रिकॉर्ड दिल्ली के नाम था। प्रथम नेचुरोपैथी डे पर पिछले वर्ष दिल्ली ने 302 लोगों को मिट्टी लेप लगाकर एशियन रिकार्ड बनाया था। गोरखपुर के आरोग्य मंदिर में कुल 508 लोगों को सर्वांग मिट्टी लेप कर एक नया रिकॉर्ड बनाया गया। एशियन बुक आफ रिकॉर्ड के डायरेक्टर डॉ विश्वरूप राय चौधरी ने काउंटिंग कर इसकी घोषणा की। उन्होंने बताया कि आगामी 27 दिसंबर को प्रकाशित होने वाली 2020 की बुक में यह रिकॉर्ड प्रकाशित होगा। मिट्टी लेपन का रिकार्ड बनाने के लिए आरोग्य मंदिर में दूर-दूर से लोग आए हैं। इन्होंने आयोजन में काफी आनंद लिया। उनका उत्साह देखते ही बनता था। आरोग्य मंदिर के प्रमुख डा.विमल मोदी ने बताया कि सर्वांग मिट्टी लेपन का रिकार्ड पिछले साल दिल्ली में बनाया गया था। तब 302 लोगों ने एक साथ शरीर पर मिट्टी का लेप लगाया था। इंडिया बुक ऑफ द रिकार्ड की ओर से 340 की संख्या दी गई थी। आरोग्य मंदिर में कुल 508 लोगों ने मिट्टी लेपन कराकर पुराना रिकार्ड तोड़ दिया। इनमें 162 महिलाएं शामिल रहीं। रिकार्ड के पर्यवेक्षक के रूप में डा.विश्वस्वरूप रॉय चौधरी और वियतनाम से डॉ.जूलिया गोरखपुर पहुंची हैं। मिट्टी लेपन में शामिल लोगों ने इस आयोजन में काफी आनंद लिया। उनका उत्साह देखते ही बनता था। सुबह से ही एशियन रिकार्ड तोड़ने के लिए आरोग्य मंदिर में स्कूली बच्चे, महिलाएं, पुरुष आरोग्य मंदिर में पहुचने लगे थे। पुरुष और महिलाओं के लिए मिट्टी लेप लगाने की अलग-अलग व्यवस्था की गई थी। कुल 160 महिलाओं ने मिट्टी लेप कराया। शेष पुरुष थे। पौने दो साल का बच्चा कनिष्क हरि ने भी यह रिकार्ड तोड़ने में अपनी सहभागिता निभाई। डॉक्टर विश्वरूप राय चौधरी ने बताया कि यह रिकॉर्ड तोड़ने की तैयारी पिछले 2 अक्टूबर से ही चल रही थी। 10 नवंबर तक हर रविवार आरोग्य मंदिर में लोगों को नि:शुल्क मिट्टी लेप किया जाता था। 10 नवंबर से 18 नवंबर तक यह प्रक्रिया रोज कर दी गई और 18 नवंबर को दिल्ली का यह रिकॉर्ड गोरखपुर में तोड़ दिया। आरोग्य मंदिर के निदेशक डॉ विमल मोदी ने कहा कि हर व्यक्ति के सहयोग से ही यह रिकॉर्ड गोरखपुर के नाम हो पाया है। मिट्टी से ठीक हो सकते हैं त्वचा के रोग डा.विमल मोदी ने दावा किया कि मिट्टी से त्वचा के विभिन्न रोग आसानी से ठीक हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि मिट्टी में सब्जियों और अनाज के बीज लगाने पर ये चीजें उगती हैं। यह गुणकारी है। इसमें जीवन है। यह मिट्टी जब त्वचा पर लगती है तब सकारात्मक बैक्टीरिया त्वचा पर आकर सकारात्मक गुण पैदा करते हैं। बीमारी चली जाती है। तीन फिट गहराई से ली जाती है मिट्टी डा.मोदी ने बताया कि शरीर पर लेपन के लिए मिट्टी तीन फिट नीचे से ली जाती है। इस मिट्टी में कीड़ों और कीटनाशकों का प्रभाव नहीं रहता है। इसमें बालू कम होता है। मिट्टी चिकनी होती है। मिट्टी को रात भर भिगोकर सुबह लेपन किया जाता है।