गौमांस को लेकर मचे बवाल पर आजम खान का बयान- सिविल वार बंद होना चाहिए

लखनऊ। राजनीतिक गलियारों में गौहत्या व गौमांस को लेकर मचे बवाल के बीच एक बार फिर उत्तर प्रदेश की सत्ताधारी सपा सरकार के काबीना मंत्री मो. आजम खान ने अपनी उपस्थिती दर्ज कारवाई है। उन्होने कहा कि देश में सिविल वार बंद होना चाहिए। उन्होने कहा कि गौमांस को लेकर हिंदू समाज में विरोधाभास शुरू हो गया है। अगर हिंदू मुसलमान से खौफ खाएगा और मुसलमान हिंदू से डरेगा तो देश कहां जाएगा।

आजम खान का यह बयान सपा मुखिया मुलायम सिंह के गढ़ समझे जाने वाले मैनपुरी में हुई उस घटना के बाद आया है जिसमे भीड़ ने गौहत्या करने के कथित आरोप के चलते दो युवकों की बेहरहमी से पिटाई कर दी थी। इसके पहले बीते 29 सितंबर को गौतमबुद्ध नगर के दादरी क्षेत्र में भी गौमांस की अफवाह फैलाकर बिसाहड़ा गाँव में मो।अखलाक नाम के 50 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या कर दी गई थी।

गौमांस के मुद्दे को लेकर आजम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री को इसे चुनावी मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। हिंदू भाइयों के लिए गाय धर्म का हिस्सा है। मुस्लिम धर्म में भी तमाम चीजें हराम हैं, लेकिन उनका खुलेआम कारोबार होता है। गाय का कटान बंद हो, हम भी यही चाहते हैं।

आजम ने कहा कि भाजपा विधायक संगीत सोम ने पांच साल मीट का कारोबार किया है। उन पर लूट और डकैती में मुकदमा हुआ। सोम ने वन विभाग की करोड़ों की जमीन कब्जाई, ऐसे व्यक्ति को केंद्र सरकार ने ‘जेड प्लस’ सुरक्षा दे रखी है। प्रधानमंत्री को इस पर अपनी सफाई पेश करनी चाहिए।

यह पहला मौका नहीं है जब गौमांस के मुद्दे पर आजम ने भाजपा पर निशाना साधा हो। अभी इसके पहले भी वह कई मौकों पर इस मुद्दे को लेकर भाजपा को आड़े हाथों लेते रहे हैं। अभी बीते दिनों आजम ने कहा था गोहत्या का विरोध करने वालों को चाहिए कि वे पांच सितारा होटलों में बीफ बेचे जाने पर उस होटल की उसी तरह ईंट से ईंट बजा दें, जैसा कि बाबरी मस्जिद की बजाई थी। ।