जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में ऐसा होगा विभाजन, सम्पत्तियों के साथ अधिकारी भी बटेंगे

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जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में ऐसा होगा विभाजन, सम्पत्तियों के साथ अधिकारी भी बटेंगे

श्रीनगर। आगामी एक नवम्बर से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेशों के रूप में अस्तित्व में आ जाएंगे। अब इन दोनों राज्यों के बीच सम्पत्तियों से लेकर मानव संसाधन तक के बंटवारे का काम तेजी से चल रहा है। दोनों राज्यों में आईएएस-आईपीएस के साथ ही कश्मीर प्रशासनिक सेवा व कश्मीर पुलिस सेवा के अफसरों के अलावा गजटेड और नान गजटेड कर्मचारियों के बंटवारे पर काम चल रहा है।

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एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने बताया कि राज्य में भारतीय प्रशासनिक सेवा के 66 व भारतीय पुलिस सेवा के 67 तथा कश्मीर प्रशासनिक सेवा के 531 अफसर तैनात हैं। वहीं दर्जनभर से अधिक आईएएस व आईपीएस अफसर प्रतिनियुक्ति पर केंद्र या अन्य राज्यों में सेवाएं दे रहे हैं। केंद्र शासित प्रदेश की घोषणा के बाद राज्य सरकार ने प्रमुख सचिव गृह की अध्यक्षता में सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी पिछले एक महीने से कर्मचारियों के बंटवारे को लेकर काम कर रही है। इस कमेटी को लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश में कामकाज के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक स्टाफ की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

एक अधिकारी ने बताया कि चूंकि केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद वहां भी जम्मू-कश्मीर की तरह ही अलग से सारे विभाग खुलेंगे। ऐसे में वहां आवश्यक संख्या में कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। अभी तक विभिन्न विभागों से जुड़े कामकाज दोनों राजधानियों जम्मू व श्रीनगर में होते रहे हैं। केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद सब कुछ बदल जाएगा।
कर्मचारियों के बंटवारे में ज्यादा मशक्कत करनी पड़ रही है। अगले कुछ दिनों में इस काम को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। कुछ नए पद भी सृजित किए जाएंगे। साथ ही संबंधित कर्मचारियों को उनकी नई तैनाती के बारे में बताकर सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी। इस कमेटी में लद्दाख मामलों, सामान्य प्रशासन, संस्कृति, कानून तथा वित्त विभाग के प्रतिनिधियों को रखा गया है।

केंद्र शासित प्रदेश के बिजनेस रुल्स तथा अन्य नियमों के बारे में अध्ययन करने के लिए अधिकारियों का दल विभिन्न केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा कर चुका है। पीडब्ल्यूडी के कमिश्नर सेक्रेटरी खुर्शीद अहमद शाह व जीएडी के एडिशनल सेक्रेटरी सुभाष सी छिब्बर-अंडमान व निकोबार, लद्दाख मामलों के कमिश्नर सेक्रेटरी रिगजिन सैंफल व जीएडी के एडिशनल सेक्रेटरी परवेज अहमद रैना-दिल्ली व चंडीगढ़ तथा उच्च शिक्षा विभाग के सचिव तलत परवेज रुहैला व जीएडी के एडिशनल सेक्रेटरी चंद्रदीप सिंह-पुडुचेरी का दौरा कर चुके हैं। यह तीन दल अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप चुके हैं। अब इन रिपोर्ट के आधार पर दोनों केंद्र शासित प्रदेश के लिए गठित उप समितियां बिजनेस रुल्स का मसौदा तैयार कर रही हैं।

श्रीनगर। आगामी एक नवम्बर से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेशों के रूप में अस्तित्व में आ जाएंगे। अब इन दोनों राज्यों के बीच सम्पत्तियों से लेकर मानव संसाधन तक के बंटवारे का काम तेजी से चल रहा है। दोनों राज्यों में आईएएस-आईपीएस के साथ ही कश्मीर प्रशासनिक सेवा व कश्मीर पुलिस सेवा के अफसरों के अलावा गजटेड और नान गजटेड कर्मचारियों के बंटवारे पर काम चल रहा है। एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने बताया कि राज्य में भारतीय प्रशासनिक सेवा के 66 व भारतीय पुलिस सेवा के 67 तथा कश्मीर प्रशासनिक सेवा के 531 अफसर तैनात हैं। वहीं दर्जनभर से अधिक आईएएस व आईपीएस अफसर प्रतिनियुक्ति पर केंद्र या अन्य राज्यों में सेवाएं दे रहे हैं। केंद्र शासित प्रदेश की घोषणा के बाद राज्य सरकार ने प्रमुख सचिव गृह की अध्यक्षता में सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी पिछले एक महीने से कर्मचारियों के बंटवारे को लेकर काम कर रही है। इस कमेटी को लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश में कामकाज के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक स्टाफ की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एक अधिकारी ने बताया कि चूंकि केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद वहां भी जम्मू-कश्मीर की तरह ही अलग से सारे विभाग खुलेंगे। ऐसे में वहां आवश्यक संख्या में कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। अभी तक विभिन्न विभागों से जुड़े कामकाज दोनों राजधानियों जम्मू व श्रीनगर में होते रहे हैं। केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद सब कुछ बदल जाएगा। कर्मचारियों के बंटवारे में ज्यादा मशक्कत करनी पड़ रही है। अगले कुछ दिनों में इस काम को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। कुछ नए पद भी सृजित किए जाएंगे। साथ ही संबंधित कर्मचारियों को उनकी नई तैनाती के बारे में बताकर सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी। इस कमेटी में लद्दाख मामलों, सामान्य प्रशासन, संस्कृति, कानून तथा वित्त विभाग के प्रतिनिधियों को रखा गया है। केंद्र शासित प्रदेश के बिजनेस रुल्स तथा अन्य नियमों के बारे में अध्ययन करने के लिए अधिकारियों का दल विभिन्न केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा कर चुका है। पीडब्ल्यूडी के कमिश्नर सेक्रेटरी खुर्शीद अहमद शाह व जीएडी के एडिशनल सेक्रेटरी सुभाष सी छिब्बर-अंडमान व निकोबार, लद्दाख मामलों के कमिश्नर सेक्रेटरी रिगजिन सैंफल व जीएडी के एडिशनल सेक्रेटरी परवेज अहमद रैना-दिल्ली व चंडीगढ़ तथा उच्च शिक्षा विभाग के सचिव तलत परवेज रुहैला व जीएडी के एडिशनल सेक्रेटरी चंद्रदीप सिंह-पुडुचेरी का दौरा कर चुके हैं। यह तीन दल अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप चुके हैं। अब इन रिपोर्ट के आधार पर दोनों केंद्र शासित प्रदेश के लिए गठित उप समितियां बिजनेस रुल्स का मसौदा तैयार कर रही हैं।