‘जम्मू-कश्मीर विधानसभा में भाजपा विधायकों द्वारा की गई मारपीट निंदनीय’

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में भाजपा विधायकों और निर्दलीय विधायक शेख अब्दुल राशिद के बीच हुई मारपीट ने राजनीतिक गलियारों के माहौल को खासा गर्म कर दिया है। दरअसल, राजनीतिक जगत में इस मामले की जमकर निंदा की जा रही है। सूबे की विपक्षी पार्टियों सहित कई दलों ने भाजपा पर निशाना साधा है।

मजलिसे इत्तेहादुल मुसलमीन(एमआईएम) के नेता असदुद्दीन ओवैसी का कहना है कि जम्मू कश्मीर विधानसभा में एक विधायक पर दूसरे विधायक हमला कर रहे हैं यह कैसा शासन है। ओवैसी ने यह बयान सोशल नेटवर्किंग वेबसाइड ट्विटर के माध्यम से दिया है। वहीं नेशनल कांफ्रेंस के नेता व पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इस घटना को पचा पाना असंभव है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा जो कुछ भी आज हुआ, उसे पचा पाना असंभव है। एक माननीय सदस्य की सदन में पिटाई की गयी। ऐसा लगता है कि राशिद को जान से मारना चाहते थे। उन्होने कहा कि यदि राशिद ने कुछ आपत्तिजनक किया था तो उसे सदन के संज्ञान में लाया जाना चाहिए था।  

उमर ने गौमांस प्रतिबंध के मामले पर कहा कि इस मामले से हमारी भी भावनाएं जुडी हैं। हम अपना धर्म आप पर नहीं थोपते। मेरा धर्म शराब और सुअर का गोश्त खाने से मना करता है। क्या मैं हर उस व्यक्ति को पीटता हूं जो सुअर का गोश्त खाता है या शराब पीता है? उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले पर बयान देने की मांग की।

मालूम हो कि गुरुवार को विधानसभा में कई भाजपा विधायकों ने शेख अब्दुल राशिद को गौमांस की पार्टी देने की वजह से पीटना शुरू कर दिया था। हालांकि पिटाई शुरू होने के तुरंत बाद नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस के कई विधायक उन्हें बचाने के लिए दौड़े और उन्होने विधायक को छुड़ा लिया।

लांगेट से विधायक राशिद ने बीते बुधवार को श्रीनगर में एक गौमांस पार्टी का आयोजन किया था जिसमें मेहमानों को गौमांस कबाब, रिस्तास (मांस के कोफ्ते) और गौमांस की पैटी परोसी गईं थीं। राशिद ने दावा किया था कि वह किसी का अपमान नहीं करना चाहते थे लेकिन यह संदेश देना चाहता थे कि कोई भी अदालत या विधानसभा लोगों को वह खाने से नहीं रोक सकती जो वे खाना चाहते हैं।

 

 

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