जानें, भारतीय क्रिकेट के ‘कमबैक किंग’ डालमिया का सफर और उपलब्धियां

नई दिल्ली| बीसीसीआई अध्यक्ष जगमोहन डालमिया का रविवार को निधन हो गया| डालमिया पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे| बीसीसीआई अध्यक्ष के रूप में डालमिया ने भारतीय क्रिकेट को अलग पहचान दी| वह क्रिकेट को ऐसे देशों तक लेकर गए जिसकी किसी ने कल्पना भी नही की थी| उन्होंने नैरोबी और शारजाह में क्रिकेट मैच कराए| जगमोहन डालमिया ने अपने लंबे प्रशासनिक करियर के दौरान अच्छा, बुरा और बदतर हर तरह का दौर देखा। इसी साल दो मार्च, 2015 को वह 10 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद फिर से बीसीसीआई अध्यक्ष बने थे और एक बार फिर उनसे बड़ी पारी की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन उससे पहले ही वह ‘आउट’ हमसे इतना दूर चले गए जहाँ से वापस लौटना संभव नही है| भारतीय क्रिकेट को शून्य से शिखर तक पहुंचाने वाले जगमोहन डालमिया की कमी लंबे वक्त तक खलेगी। डालमिया को क्रिकेट की दुनिया का ‘कमबैक किंग’ भी कहा जाता है

डालमिया का सफर:

– डालमिया पहली बार 1997 में ICC के अध्यक्ष बने

– 2000 में आईसीसी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया

– 2001 में बीसीसीआई के अध्य़क्ष बने

– 2004 में कार्यकाल खत्म हुआ

– 2007 में बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष पद से इस्तीफा

– 2013 में बीसीसीआई के अंतरिम अध्य़क्ष

– मार्च 2015 में बीसीसीआई के अध्यक्ष बने

डालमिया की उपलब्धियां:

डालमिया और आईएस बिंद्रा की जोड़ी की वजह से 1987 का वर्ल्ड कप इंडिया-पाकिस्तान में हुआ।

डालमिया के चलते ही 1996 का वर्ल्ड कप भारत-पाकिस्तान-श्रीलंका में हुआ।

डालमिया अपने दम पर क्रिकेट को ऐसे देशों में लेकर गए जिसकी किसी ने कल्पना भी नही की थी उन्होंने नैरोबी और शारजाह में मैच कराए|

जिस बीसीसीआई का मुनाफा सिर्फ 1.8 करोड़ रुपए था, उसे डालमिया ने 1996 में एक झटके में 80 करोड़ दिला दिए।

1997 में आईसीसी प्रेसीडेंट बनकर उन्होंने इंटरनेशनल काउंसिल में इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया का दबदबा खत्म कर दिया।