जेटली की शिवसेना को नसीहत, विरोध दर्ज कराने का हक़ सबको लेकिन तरीका लोकतांत्रिक होना चाहिए

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नई दिल्ली| वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शिवसेना का नाम लिए बगैर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में विरोध करने का हक सबको है लेकिन विरोध का तरीका लोकतांत्रिक होना चाहिए।

उन्होंने कहा, “जेटली ने कहा कि कुछ लोग अपना दृष्टिकोण जताने के लिए गुंडागर्दी को औजार बना लेते है जो कि बहुत परेशान करने वाला प्रचलन है। जेटली ने कहा कि असहिष्णुता की ये घटनाएं हमारी सभ्यता की परंपराओं के ख़िलाफ़ हैं।”

बीसीसीआई दफ्तर पर शिवसेना का हंगामा, सुधींद्र कुलकर्णी पर स्याही फेंकना आदि घटनाओं का ज़िक्र किए बिना जेटली ने कहा- पिछले कुछ दिनों में बहुत परेशान करने वाला प्रचलन देखा गया जब कुछ लोगों ने अपना दृष्टिकोण जताने के लिए गुंडागर्दी को औजार बना लिया। उम्मीद करता हूं कि हम सार्वजनिक जगह पर अधिक गरिमामयी ढंग से बहस कर सकते हैं।

जेटली ने कहा कि असहिष्णुता की घटनाएं निंदनीय हैं। लोकतंत्र मे मतभेद हो सकते हैं लेकिन संयम का पालन किया जाना चाहिए। गुंडागर्दी की आलोचना होनी चाहिए। लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। भारत जैसे बड़े देश में अलग अलग राय हो सकती है लेकिन साथ ही इन अलग अलग रायों को जताने के लिए हमारी सभ्यता की कुछ परंपराएं हैं।

नई दिल्ली| वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शिवसेना का नाम लिए बगैर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में विरोध करने का हक सबको है लेकिन विरोध का तरीका लोकतांत्रिक होना चाहिए।उन्होंने कहा, "जेटली ने कहा कि कुछ लोग अपना दृष्टिकोण जताने के लिए गुंडागर्दी को औजार बना लेते है जो कि बहुत परेशान करने वाला प्रचलन है। जेटली ने कहा कि असहिष्णुता की ये घटनाएं हमारी सभ्यता की परंपराओं के ख़िलाफ़ हैं।"बीसीसीआई दफ्तर पर शिवसेना का हंगामा, सुधींद्र कुलकर्णी…