दहेज हत्या के तीन आरोपियों को आजीवन कारावास

बाराबंकी: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की एक अदालत ने दहेज हत्या के दोषी ससुर समेत तीन लोगों को उम्रकैद तथा जुर्माने की सजा सुनायी है। अभियोजन पक्ष के अनुसार प्रतापगढ़ के गोबरी गांव निवासी अंजू सिंह की शादी साल 2003 में बाराबंकी के टिकैतनगर स्थित मंझेला के रहने वाले बृजेन्द्र कुमार सिंह के साथ हुई थी। दहेज में मोटरसाइकिल की मांग को लेकर ससुराल के लोग अंजू को शारीरिक तथा मानसिक प्रताड़ना देते थे।

मांग पूरी ना होने पर 12 मार्च 2008 को अंजू के पति बृजेन्द्र, ससुर दुर्योधन सिंह, जेठानी सरिता सिंह, देवरानी पिंकी तथा देवर विजय प्रताप सिंह ने उसे जला दिया। इलाज के दौरान अंजू की मौत हो गयी थी। अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) राजबहादुर सिंह ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कल दुर्योधन, सरिता तथा विजय को दोषी करार देते हुए उन्हें आजीवन कारावास तथा 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी।

अदालत ने आरोपी पिंकी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया जबकि अंजू का अभियुक्त पति फरार है।

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