दादरी कांड: अखलाक के फ्रिज में बीफ नहीं मटन था

दादरी: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के दादरी इलाके बिसाहड़ा में गोवध के अफवाह को लेकर भीड़ के हमले में मारे गए मोहम्मद अखलाक के घर के फ्रिज में जो मांस था, वह मटन था न कि बीफ। इसका खुलासा फोरेंसिक जांच रिपोर्ट में हुआ है। घटना वाले दिन भी अखलाक का परिवार इस बात को कहता रहा कि उसके घर में बीफ नहीं है।
 
विदित हो कि करीब नौ दिन पहले बिसाहड़ा गाँव के रहने वाले मोहम्मद अखलाक के बीफ खाने और घर में बीफ रखने की अफवाह पर भीड़ ने उसके घर पर धावा बोल दिया था, उन लोगों के हमले में अखलाक की मौत हो गई जबकि उसका छोटा बेटा दानिश गंभीर रूप से घायल हो गया। 
 
इस मामले में गौतम बुद्धनगर प्रशासन ने पहले घर में रखे मांस की पशु डॉक्टर से जांच कराई, इसके बाद इसे मथुरा लैब में जांच के लिए भेजा गया। अखलाक के घर मिले मीट की रिपोर्ट में पाया गया कि उसके घर पर गोमांस नहीं मटन रखा था। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि 28 सितंबर की रात पुलिस ने अखलाक के घर से मीट कै सैंपल लिए थे। फिर उसे प्राथमिक जांच के लिए भेज दिया था। उस जांच में पता चला कि वह मटन है लेकिन पुलिस ने उस मीट के कुछ सैंपल को मथुरा के एक लैब में भी जांच के लिए भेजा। उनकी जांच में भी इस बात की पुष्टि हुई कि वह मटन है। 
 
गौर हो कि 9 दिन पहले करीब 200 लोगों की भीड़ ने अखलाक को घर से बाहर निकालकर उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी। सरताज का छोटा भाई 22 साल का दानिश हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका इलाज नोएडा के एक अस्पताल में चल रहा है जहां वह आईसीयू से बाहर आ गया है और वह परिवार से बातचीत कर पा रहा है। इस घटना के कारण देशभर में आक्रोश है। पुलिस के पहुंचने के बाद भी भीड़ अखलाक और उसके बेटे को जानवरों की तरह पीट रही थी।  ये परिवार पिछले 35 सालों से इस गांव में रह रहा था। 
 
यूपी सरकार में एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि अगर मीट को जांच के लिए नहीं भेजा जाता तो विपक्षी दल कहते कि यूपी सरकार तथ्यों को छिपा रही है। यहां तक कि एफआईआर में बीफ का जिक्र नहीं है। अफवाहों को खत्म करने के लिए मीट को जांच के लिए भेजा गया।