दादरी के बाद मैनपुरी में गौहत्या को लेकर भड़की हिंसा

लखनऊ। बीते 29 फरवरी को ग्रेटर नोएडा में हुए दादरी कांड का मामला पूरी तरह से शांत भी नहीं हुआ है कि सूबे की सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया मुलायम सिंह यादव के पौत्र तेज प्रताप सिंह का संसदीय क्षेत्र मैनपुरी से भी गौहत्या की वजह से हुई हिंसक घटना की सूचना प्राप्त हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, मैनपुरी में ‘गाय काटे जाने’ की बात कहकर एक संप्रदाय विशेष के दो युवकों की जमकर पिटाई की गई। दोनों युवक अस्पताल में भर्ती हैं।

यह घटना मैनपुरी के करहल- नगरिया इलाके में घटी। जहां लोगों ने दो युवकों की गाय काटने की बात कहकर बुरी तरह से पिटाई कर दी। इस घटना के बाद कुरैशियान मोहल्ले में भीड़ हिंसा पर उतारू हो गई। हमलावरों का आरोप है कि यहां दो युवक देवी रोड के हैंडपंप के पास एक गाय को काट रहे थे। यह जानकारी मिलते ही एक समुदाय के लोग भड़क गए। उन्होंने दोनों युवकों को जमकर पीट दिया। देखते ही देखते भीड़ बढ़ने लगी और फिर बवाल शुरू हो गया। 

घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने जब दोनों युवकों को भीड़ से छुड़ाकर अस्पताल भिजवाया, तो भीड़ नाराज हो गई। उग्र भीड़ ने पुलिस की एक जीप में तोड़फोड़ की और उसे आग के हवाले कर दिया। वहीं एक और गाड़ी में भी आग लगा दी गई। इसके अलावा इलाके की कई दुकानें भी जला दीं। भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इससे लोग और भड़क गए। उन्होंने पथराव शुरू कर दिया।

पथराव के जवाब में जवाब में पुलिस ने फायरिंग की। इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। करहल के एसडीएम विजय प्रताप ने कहा कि घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच के बाद ही पता चलेगा कि इलाके में गाय काटी गई थी या पहले से मरे हुए जानवर की खाल निकाली जा रही थी। जिलाधिकारी चंद्रपाल सिंह ने कहा कि अब तक 20 लोग हिरासत में लिए जा चुके हैं। बाकी लोगों की तलाश जारी है।

आपको बता दे कि बीते 29 सितंबर को दादरी में स्थित बिसाहड़ा गाँव में कुछ लोगों मंदिर में लगे लाउड स्पीकर से बिसाहड़ा गाँव में अफवाह फैला दी थी कि गाँव में रहने वाले मो.अखलाक के घर में गौमांस पका है जिसके उत्तेजित होकर गाँव वालों ने इकट्ठा होकर अखलाक के घर पर हमला बोल दिया था। गाँव वालों ने घर में जमकर तोडफोड करने के साथ-साथ अखलाक के परिवार वालों को भी बुरी तरह से पिटाई कर दी थी, जिससे अखलाक की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि उसका बेटा बुरी तरह से घायल हो गया था। हालांकि बाद में प्रशासन द्वारा की गई जांच में यह स्पष्ट हुआ था कि फैलाई गई अफवाह झूठी है।

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